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बजट 2017: ऑटो इंडस्ट्री तलाश रही है उम्मीद की किरण
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Feb 2017 05:14 PM IST
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आम बजट 2017
आम बजट 2017 से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को निराशा हाथ लगी है। न ही सरकार ने इलेक्ट्रिक या फिर हाइब्रिड वाहनों को लेकर कोई घोषणा की और न ही कोई ऐसे और संकेत दिए जिससे मुसीबत में चल रही ऑटो इंडस्ट्री को उबरने का मौका मिले। इसके बावजूद इंडस्ट्री सरकार से काफी आशा लगाए बैठी है और अब सबकी नजर जीएसटी के इंप्लीमेंटेशन पर टिकी हुई है। आइए जानें ऑटो इंडस्ट्री ने बजट पर क्या कहा।
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सुमित साहनी, एमडी, रेनो इंडिया
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वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट पर खुशी जाहिर करते हुए रेनो इंडिया के एमडी सुमित साहनी कहते हैं कि, सरकार ने सफलता पूर्वक लोगों को यह भरोसा दिला दिया है कि वैश्विक परिवेश में उथल-पुथल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है। आर्थिक ढांचे पर दिख रहा नियंत्रण और ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर दिया गया जोर, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया कदम इस बजट को एक सही दिशा देता है। कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह (क्रेडिट फ्लो) बढ़ाने के प्रयास के तहत वित्त मंत्री ने बजट में कृषि ऋण लक्ष्य को एक लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ करने का संकेत दिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छे से बेहतरीन की ओर बढ़े उसके लिए ऐसे आक्रामक फैसले लेने की जरूरत थी। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को भी इससे फायदा मिलेगा। लेकिन कुछ चीजों पर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की नजरें टिकी थीं जिस पर कोई घोषणा नहीं हुई। कुल मिलाकर ऑटो सेक्टर के लिए इस बजट में कुछ खास नहीं था फिर भी हम आशावादी हैं।
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अरुण मल्होत्रा, एमडी, निसान इंडिया
अरुण मल्होत्रा, एमडी, निसान इंडिया
आयकर की दरें 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई हैं। इससे उन आयकर दाताओं में एक पॉजिटिव संदेश गया है जिनकी आमदनी पांच लाख रुपये सालाना है। इसके चलते फर्स्ट टाइम कार खरीदार को एंट्री लेवल या छोटी कारों को खरीदने में आसानी होगी। हालांकि इसके अलावा इस बजट में कुछ ऐसा नहीं है जिससे ऑटो सेक्टर को कोई फायदा होगा। इस बजट से इलेक्ट्रिक वेहिकल और हाइब्रिड वाहनों पर चल रही रिसर्च और डेवलपमेंट को निराशा हाथ लगी है। अब हमारी नजरें जीएसटी के इंम्प्लीमेंटेशन पर टिकी हुई हैं। हमारा मानना है कि ऐसे कदम उठाने जरूरी हैं जिससे बायर सेंटीमेंट मजबूत हो और डिमांड बढ़े।
आयुष लोहिया, सीईओ, लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज
आयुष लोहिया, सीईओ, लोहिया ऑटो इंडस्ट्रीज
ऑटो इंडस्ट्री के लिए विपरीत परिस्थितियों और विमुद्रीकरण के चलते दबाव में चल रहे हम सभी को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें थी। ऑटो सेक्टर के लिए सबसे अच्छी खबर ये है कि जीएसटी तय समय के अनुसार ही लागू होगा। जीएसटी का लागू होना ऑटो सेक्टर के लिए पूरे तौर पर सकारात्मक संकेत है। हम सकारात्मक तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग व पूरे सेक्टर को लेकर सकारात्मक रुझानों की उम्मीद कर रहे हैं। हम आशा करते हैं कि हमें इससे निराशा नहीं मिलेगी।