फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Car Diary ›   Audi’s driverless car takes for a ride

ऑडी की खुद से चलने वाली कार का रफ्तार में रिकॉर्ड

Sat, 25 Oct 2014 11:07 AM IST
Updated Sat, 25 Oct 2014 11:07 AM IST
विज्ञापन
Audi’s driverless car takes for a ride

लग्जरी कार बनाने वाली कंपनी ऑडी ने अपनी 'सेल्फ़-ड्राइविंग' यानि ख़ुद से चलने वाली कार के रफ्तार में रिकॉर्ड बनाने का दावा पेश किया है।

विज्ञापन


जर्मन कार कंपनी का कहना है कि उसका आरएस7 मॉडल दक्षिणी फ्रैंकफर्ट के हॉकेनहेम रेसिंग सर्किट पर 240किमी/घंटे की रफ्तार से भीड़ रहित ट्रैक पर दौड़ने में सबसे आगे रहा।
विज्ञापन


आरएस7 को ग्रैंड प्रिक्स ट्रैक का राउंड लगाने में केवल दो मिनट लगे।

सड़क पर चलने वाली गाड़ियां 'पायलेटेड ड्राइविंग' की मदद ले सकती हैं, कंपनी की ओर से रविवार को किए गए आरएस7 के प्रदर्शन का यही मूल मक़सद रहा।

वोल्क्स वैगन के एक डिवीज़न ऑडी ने जब स्टियरिंग व्हील के पीछे ड्राईवर बिठा कर राउंड लगवाई तो इसमें अपेक्षाकृत पांच सेकेंड ज्यादा लगे।

दुर्घटनामुक्त ड्राइविंग

Audi’s driverless car takes for a ride

ऑडी की रिसर्च टीम के एक सदस्य का कहना है कि इस नए प्रयोग का इस्तेमाल जल्द ही संभव होगा।

डॉ होर्स्ट ग्लेसर कहते हैं, "दुर्घटनामुक्त ड्राइविंग एक सपना है। लेकिन कम से कम हम भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या तो घटा ही सकते हैं।"

"ट्रैफिक जाम जैसी स्थितियों से निकलने में 'पायलेटेड ड्राइविंग' काफी काम का साबित होगा। जाम के समय जब भी ड्राइवर का ध्यान कहीं और होगा कार ख़ुद ही स्थितियों को क़ाबू में कर लेगी।"

ग्लेसर ने बताया, "इसके अलावा ड्राइवर को दो पल आराम का मौक़ा भी मिल जाता है।"

दुर्घटना की ज़िम्मेदारी किसकी?

Audi’s driverless car takes for a ride

अमरीका और यूरोप में 15 साल के शोध के बाद कंपनी को ये कामयाबी मिली है।

आरएस7 में कैमरा, लेज़र स्कैनर, जीपीएस लोकेशन डाटा, रेडियो ट्रांसमिशन, रडार सेंसर और कंप्यूटर आदि उपकरण लगे हैं। ये उपकरण इसे ट्रैक पर अपना कमाल दिखाने के लायक़ बनाते हैं।

अमरीका और यूरोप में कंपनी ने 15 साल के शोध के बाद ये कामयाबी पाई है। लेकिन विशेषज्ञों ने इससे जुड़ी कुछ आशंकाएं भी व्यक्त कीं।

अस्टन बिज़नेस स्कूल के प्रोफ़ेसर डेविड बेली कहते हैं, "एक दशक के भीतर ड्राईवरमुक्त कार हमारे सामने होगी। लेकिन अभी इस दिशा में बहुत काम करना है।"

वे कहते हैं, "इस तरह की कारों के साथ एक बड़ी दिक्क़त ये है कि यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो क्या होगा?"

"तब कौन ज़िम्मेदार होगी? क्या वह ड्राईवर, भले वो कार नहीं चला रहा हो? या कार कंपनी? या सॉफ्टवेयर कंपनी? कई क़ानूनी पेचीदगियां भी आड़े आएंगी।"

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed