फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   car and bike fuel tank overflow disadvantages know details

Auto Tips: क्या गाड़ी की टंकी में फुल रखना चाहिए फ्यूल? ईंधन भरवाने से पहले जान लें काम की बात

Sun, 11 Aug 2024 07:01 PM IST
अमित कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Sun, 11 Aug 2024 07:01 PM IST
सार

अगर आप अपनी गाड़ी की फ्यूल टंकी को फुल करके रखते हैं तो यह खबर पढ़ने के बाद ऐसा नहीं करेंगे। दरअसल, फ्यूल टंकी भरकर वाहन चलाने से कई तरह के नुकसान होते हैं, ऐसे में भूलकर भी यह गलती न करें। 

विज्ञापन
car and bike fuel tank overflow disadvantages know details
Auto Tips - फोटो : FREEPIK

विस्तार

अक्सर देखने को मिलता है कि जब भी लोग पेट्रोल पंप पर जाते हैं तो कहते हैं कि टंकी फुल कर दो। फिर चाहे कार की टंकी हो या फिर दोपहिया वाहन की। ऐसे मामले तब और ज्यादा देखने को मिलते हैं, जब लोग किसी लंबे सफर पर जाते हैं, ताकि गाड़ी में फ्यूल की कमी की टेंशन न रहे। मगर क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना गाड़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में सवाल है कि फिर गाड़ी की टंकी में कितना फ्यूल भरवाना चाहिए और क्या फ्यूल टंकी में खाली जगह छोड़नी चाहिए। आगे जानते हैं कि क्या है इसकी पूरी डिटेल।

विज्ञापन

वाहन की फ्यूल टंकी की क्षमता

अगर आप नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि कार में 25 लीटर फ्यूल भरने की क्षमता होती है। वहीं, किसी कार में 35 लीटर का फ्यूल टैंक मिलता है। दूसरी तरफ, बाइक और स्कूटर में फ्यूल टंकी काफी छोटी होती है। बाइक में 12 से 18 लीटर की फ्यूल टंकी होती है। ऐसे में जब भी पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर जाते हैं और कहते हैं कि फ्यूल टैंक पूरा भर दो पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारी को इसकी जानकारी नहीं होती है। ऐसे में वह गाड़ी की टंकी फुल कर देता है, जिससे कई तरह के नुकसान होते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

फुल फ्यूल टंकी के साथ गाड़ी चलाने के नुकसान

  • ईंधन से निकलने वाले वेपर को निकलने के लिए टंकी में खाली जगह चाहिए होती है। ऐसे में अगर फ्यूल टंकी पूरी भरी हुई है तो वेपर को जगह नहीं मिलती है, जिस वजह से फ्यूल पंप को नुकसान हो सकता है। साथ ही गाड़ी से फ्यूल बाहर निकलने लगता है।
  • गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से हवा अधिक बनती है, ऐसे में अगर ईंधन वाला टैंक पूरा भरा हुआ है तो हवा को जगह नहीं मिलती है। इस वजह से स्पार्क होने की संभावना बढ़ जाती है और वाहन में आग भी लग सकती है। इस दिक्कत से बचने के लिए फ्यूल टंकी में कम से कम 100 एमएल कम ईंधन रखना चाहिए। 
  • कार हो या बाइक अगर फ्यूल टंकी पूरी भरी हुई है तो कई तरह के नुकसान होते हैं। जब वाहन चलता है तो गाड़ी का सस्पेंशन ऊपर-नीचे होता है, मगर फ्यूल टैंक अगर पूरा भरा हुआ है तो इससे फ्यूल लीक होने की आशंका बढ़ जाती है। वाहन से फ्यूल लीकेज की परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब वाहन किसी ढलान वाली जगह से नीचे उतरता है या फिर ढलान पर चढ़ता है। इस दौरान अगर फ्यूल लीक हो जाए तो वाहन में आग भी लग सकती है। 
विज्ञापन

इस बात को रखें याद

कार, बाइक और अन्य वाहन में फ्यूल टंकी की कुल क्षमता से एक या फिर दो लीटर कम ईंधन भरवाना चाहिए। ऐसा करने से अगर वाहन किसी सड़क पर थोड़ा ऊपर-नीचे होता है तो इससे फ्यूल लीकेज या फ्यूल बाहर नहीं आता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed