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Hindi News ›   Automobiles News ›   Bajaj Auto Faces Production Crunch for Electric 2Ws And 3Ws: Demand Outpaces Supply Despite Record Revenue

ईवी की बंपर मांग के बीच बजाज ऑटो में उत्पादन क्षमता की कमी!: मांग के मुकाबले केवल 75% डिलीवरी कर पा रही कंपनी

Tue, 27 Oct 2026 10:20 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Tue, 27 Oct 2026 10:20 PM IST
सार

  • बजाज ऑटो के इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार में तेजी से बढ़ती मांग के बावजूद उत्पादन क्षमता की कमी बनी हुई है।
  • कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की योजना के मुताबिक पूरी सप्लाई नहीं कर पा रही है।
  • फिलहाल बजाज ऑटो तय बुकिंग का केवल 75% ही पूरा कर रही है।

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Bajaj Auto Faces Production Crunch for Electric 2Ws And 3Ws: Demand Outpaces Supply Despite Record Revenue
Bajaj Auto EV - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) वर्तमान में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की भारी मांग के बीच उत्पादन क्षमता की कमी से जूझ रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) दिनेश थापर ने जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों के बाद कॉन्फ्रेंस कॉल में बताया कि बजाज अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स की नियोजित मात्रा का केवल 75 प्रतिशत हिस्सा ही डिलीवर करने में सक्षम हो पा रही है। हालांकि, इस सप्लाई संकट के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी की कुल ग्रोथ का मुख्य जरिया बने हुए हैं। 

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इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में सप्लाई की कमी और रिकॉर्ड बिक्री की क्या स्थिति है?

कंपनी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, सप्लाई चेन की तंगी के बावजूद इस तिमाही में बजाज के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो ने नया मुकाम हासिल किया है:
  • रिकॉर्ड ईवी वॉल्यूम: बजाज का इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो पिछले साल के 82,000 यूनिट्स के मुकाबले बढ़कर लगभग 2 लाख यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
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  • घरेलू रेवेन्यू में हिस्सेदारी: कंपनी के कुल घरेलू राजस्व में इलेक्ट्रिक वाहनों का योगदान अब बढ़कर एक-तिहाई (लगभग 33%) हो गया है, जो पिछली तिमाही में 30% था।
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  • इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर ग्रोथ: बजाज के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट की बिक्री और राजस्व पिछले साल की तुलना में दोगुने से अधिक हो गए हैं। इस अनमेल्ड डिमांड (ऐसी मांग जिसे पूरा नहीं किया जा सका) को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार कर रही है।


बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर का प्रदर्शन कैसा रहा है?

बजाज ऑटो के लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर 'चेतक' ने बिक्री के मामले में अपना अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
  • ₹2,000 करोड़ पार रेवेन्यू: अपेक्षाकृत कमजोर बेस के चलते चेतक की बिक्री का आंकड़ा दोगुने से अधिक हो गया और इसका कुल राजस्व 2,000 करोड़ रुपये के पार निकल गया।
  • सप्लाई की गंभीर समस्या: कंपनी का कहना है कि यह तिमाही सप्लाई से जुड़ी गंभीर समस्याओं से घिरी रही, क्योंकि मांग अचानक बहुत तेजी से बढ़ी। अब घरेलू और निर्यात दोनों तरह के ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।


क्या क्षमता की यह कमी पहले भी बनी हुई थी?

उत्पादन क्षमता में यह कमी बजाज के लिए नई नहीं है। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों के दौरान भी बजाज ने स्वीकार किया था कि मांग उसकी उत्पादन क्षमता से कहीं अधिक है और तंग सप्लाई चेन ने ईवी कारोबार की ग्रोथ को सीमित कर रखा है। कंपनी ने उस समय बताया था कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश की प्रक्रिया जारी है और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के लिए कैपेसिटी एक्सपेंशन शुरू कर दिया गया है।
 

कीमतों में बढ़ोतरी और ऑपरेटिंग मार्जिन को लेकर सीएफओ ने क्या कहा?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सीएफओ दिनेश थापर ने मूल्य वृद्धि पर बात करते हुए कहा कि कंपनी को इस बात का ध्यान रखना होगा कि बाजार कीमतों में कितनी और बढ़ोतरी सहन कर सकता है।
  • मार्केट मिक्स और मार्जिन: बजाज ने बताया कि उसके रिकॉर्ड वॉल्यूम को बेहतर प्राइसिंग, समृद्ध सेल्स मिक्स और अनुकूल विदेशी मुद्रा का समर्थन मिला।
  • 20.9% ऑपरेटिंग मार्जिन: इनपुट कॉस्ट (कच्चे माल की लागत) में हुई बढ़ोतरी का केवल कुछ हिस्सा ही कीमतों में वृद्धि के जरिए वसूला जा सका। इसके बावजूद करेंसी गेन, ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत नियंत्रण के बल पर कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 20.9% के मजबूत स्तर पर बना रहा।


बजाज ऑटो का ओवरऑल तिमाही वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

समग्र स्तर पर बजाज ऑटो के लिए यह तिमाही ऑल-टाइम रिकॉर्ड दर्ज करने वाली साबित हुई है:
  • ₹20,000 करोड़ के पार रेवेन्यू: स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का कुल राजस्व इतिहास में पहली बार ₹20,000 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए ₹20,003 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल से 34% अधिक है।
  • शुद्ध लाभ: कंपनी का नेट प्रॉफिट 35 प्रतिशत बढ़कर 2,480 करोड़ रुपये से 3,354 करोड़ रुपये हो गया।
  • कुल वाहन बिक्री: बजाज ने कुल 15.49 लाख वाहन बेचे, जिसमें 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस दौरान निर्यात 41 प्रतिशत बढ़कर 7.79 लाख यूनिट्स और घरेलू बिक्री 4 प्रतिशत बढ़कर 7.70 लाख यूनिट्स रही। गाड़ियों की संख्या की तुलना में घरेलू राजस्व (30 प्रतिशत बढ़ोतरी) कहीं अधिक तेजी से बढ़ा है। 
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