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कार लोन: Volkswagen और Ford भारत में वाहनों पर फाइनेंस करेगी बंद, Skoda-Audi जैसी कारों के लिए ढूंढना होगा दूसरा फाइनेंसर
Sun, 13 Jun 2021 05:11 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 13 Jun 2021 05:11 PM IST
सार
Volkswagen AG और Ford Motor Company की ऑटो फाइनेंसिंग इकाई भारत से एक्जिट करने की तैयारी में है। यानी अब स्कोडा और ऑडी जैसी कारों को खरीदने के लिए आपको कोई दूसरा फाइनेंसर ढूंढना होगा।
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Volkswagen-Skoda Auto
- फोटो : For Representation Only
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विस्तार
जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Volkswagen AG (फॉक्सवैगन एजी) और अमेरिका की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Ford Motor Company (फोर्ड मोटर कंपनी) की ऑटो फाइनेंसिंग इकाई ने भारत में कार खरीदारों और डीलरों को फाइनेंस बंद करने की योजना बनाई है। यह दोनों कंपनियां देश से लौटने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस घटनाक्रम को नजदीक से जानने वाले सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। यानी अब स्कोडा और ऑडी जैसी कारों को खरीदने के लिए आपको कोई दूसरा फाइनेंसर ढूंढना होगा।
फॉक्सवैगन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने पिछले साल भारत में कार खरीदारों को लोन देना बंद कर दिया था। इसके बाद मई में सभी फॉक्सवैगन ब्रांड्स (इसमें फॉक्सवैगन, स्कोडा और ऑडी भी शामिल) के डीलरों से कहा कि वे कोई और फाइनेंसर ढूंढ लें।
रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के कारण कुछ ग्राहक लोन का भुगतान करने में नाकाम रहे। जिससे फाइनेंस यूनिट को काफी नुकसान उठाना हुआ है। जिसके बाद कंपनी ने घोषणा की है कि वह 31 दिसंबर तक भारत में अपना कारोबार पूरी तरह बंद कर देगी। फॉक्सवैगन ग्रुप के 50 फीसदी से अधिक डीलर फाइनेंस कंपनी से क्रेडिट का उपयोग करते हैं।
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फॉक्सवैगन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने बंद करने की आधिकारिक घोषणा तो नहीं की है, लेकिन कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने अपने खुदरा ग्राहकों की सेवा के लिए भारतीय ऋण ब्रोकरेज पोर्टल KUWY Technologies में एक बड़ी हिस्सेदारी ली है। कंपनी ने कहा कि वह डीलरों के साथ बातचीत कर रही है और साल के अंत तक अपनी कारोबारी रणनीति की समीक्षा करेगी।
इस घटनाक्रम पर नजर रखनेवाले सूत्रों का कहना है कि नुकसान की भरपाई के लिए फॉक्सवैगन और फोर्ड उन डीलरों को प्रोत्साहन की पेशकश करेंगे जिन्होंने उनके क्रेडिट फाइनेंस का इस्तेमाल किया है। डीलरों को आमतौर पर वाहन निर्माताओं से कार खरीदने के लिए क्रेडिट की आवश्यकता होती है, जिसे वे ग्राहकों को बेचते हैं।
ऑटो फाइनेंस आर्म्स को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के रूप में क्लासीफाइड किया गया है, और वे लोन देने के लिए बाजार में बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। लेकिन बैंकों के पास सस्ती फंडिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। जिससे वे NBFCs या शैडो लेंडर के द्वारा दी जाने वाली लोन की दरों की तुलना में कम दरों पर लोन की पेशकश करते हैं।
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फॉक्सवैगन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने पिछले साल भारत में कार खरीदारों को लोन देना बंद कर दिया था। इसके बाद मई में सभी फॉक्सवैगन ब्रांड्स (इसमें फॉक्सवैगन, स्कोडा और ऑडी भी शामिल) के डीलरों से कहा कि वे कोई और फाइनेंसर ढूंढ लें।
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रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी के कारण कुछ ग्राहक लोन का भुगतान करने में नाकाम रहे। जिससे फाइनेंस यूनिट को काफी नुकसान उठाना हुआ है। जिसके बाद कंपनी ने घोषणा की है कि वह 31 दिसंबर तक भारत में अपना कारोबार पूरी तरह बंद कर देगी। फॉक्सवैगन ग्रुप के 50 फीसदी से अधिक डीलर फाइनेंस कंपनी से क्रेडिट का उपयोग करते हैं।
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फॉक्सवैगन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने बंद करने की आधिकारिक घोषणा तो नहीं की है, लेकिन कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने अपने खुदरा ग्राहकों की सेवा के लिए भारतीय ऋण ब्रोकरेज पोर्टल KUWY Technologies में एक बड़ी हिस्सेदारी ली है। कंपनी ने कहा कि वह डीलरों के साथ बातचीत कर रही है और साल के अंत तक अपनी कारोबारी रणनीति की समीक्षा करेगी।
इस घटनाक्रम पर नजर रखनेवाले सूत्रों का कहना है कि नुकसान की भरपाई के लिए फॉक्सवैगन और फोर्ड उन डीलरों को प्रोत्साहन की पेशकश करेंगे जिन्होंने उनके क्रेडिट फाइनेंस का इस्तेमाल किया है। डीलरों को आमतौर पर वाहन निर्माताओं से कार खरीदने के लिए क्रेडिट की आवश्यकता होती है, जिसे वे ग्राहकों को बेचते हैं।
ऑटो फाइनेंस आर्म्स को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के रूप में क्लासीफाइड किया गया है, और वे लोन देने के लिए बाजार में बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। लेकिन बैंकों के पास सस्ती फंडिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। जिससे वे NBFCs या शैडो लेंडर के द्वारा दी जाने वाली लोन की दरों की तुलना में कम दरों पर लोन की पेशकश करते हैं।