बजाज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, कहा कंपनियां दें अपने बचे स्टॉक की जानकारी
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1 अप्रैल 2017 से पूरे देश में बीएस4 मानक लागू किए जा रहे हैं। लगभग सभी कंपनियों ने अपने उत्पादों को नए मानकों के अनुकूल तैयार भी कर दिया है। लेकिन नोटबंदी के चलते बहुत सा पुराना स्टॉक कंपनियों के पास बचा हुआ है जिसे लेकर वो चिंतित हैं। इसी संदर्भ में बजाज ऑटो ने सुप्रीम कोर्ट में 1 अप्रैल के बाद भी अनसोल्ड स्टॉक बेचने के लिए याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सिआम) को कंपनियों के अनसोल्ड स्टॉक का डेटा इकट्ठा करने को कहा है।
गौरतलब है कि सियाम ने दावा किया है कि 1 अप्रैल के बाद नए मानक लागू होने के बाद ऑटो मैन्यूफैक्चरर के पास 8.9 लाख की इंवेंटरी बची रह जाएगी, अगर कंपनियां इस स्टॉक को नहीं बेंच पाएंगी तो उन्हें बहुत ज्यादा नुकसान होगा। हालॉंकि बीएस 4 को लेकर सरकार के तरफ से जनवरी 2014 में ही बीएस 4 को लेकर नोटीफिकेशन जारी किया गया था। अगर कटेगरी के आधार पर बात करें तो अभी भी दुपहिया कंपनियों के पास लगभग साढे आठ लाख की इंवेंटरी बची हुई है।
उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट के तरफ से ऑटो निर्माता कंपनियों को अपना पुराना स्टॉक 1 अप्रैल के बाद भी कुछ समय और बेचने की अनुमति मिल जाएगी। नए मानकों के तहत कंपनियों ने अपने इंजन के साथ एक्जॉस्ट सिस्टम में बदलाव किया है। बीएस 4 के साथ दुपहिया वाहनों में ऑटो हेडलैंप ऑन की एक और बाध्यता ने कंपनियों की चिंता बढ़ाई है।