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यहां 'फास्टैग' के बाद भी नहीं मिल रही वाहनों को रफ्तार, टोल टैक्स चुकाने को करना पड़ता है इंतजार
Fri, 10 Jan 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:20 AM IST
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फास्टैग
- फोटो : Amar Ujala
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) टोल प्लाजा पर 24 दिन बाद भी 100 फीसदी फास्टैग लागू कराने में विफल रहा है। आगरा खंड के पांच टोल प्लाजा पर 47 फीसदी तक ही पहुंच सका है, उसमें भी दिक्कतें आ रही हैं। फास्टैग वाली गाड़ियों को भी दो से तीन मिनट का समय लग रहा है, ऐसे में टोल प्लाजा पर बिना रुके गुजरने की बात बेमानी साबित हो रही है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एनएचएआई ने 15 दिसंबर से फास्टैग को अनिवार्य किया था। इसके लिए नवंबर से ही तैयारियां की गई थीं। इसके बाद फास्टैग लेन बनाई गईं। फास्टैग रिचार्ज और बनवाने के लिए काउंटर भी लगवाए गए।
वाहन स्वामियों ने फास्टैग लगवाए, लेकिन अभी तक टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों को फास्टैग को रीड करने में दो से पांच मिनट तक का समय लग जाता है। इस दरम्यान गाड़ियां खड़ी रहती हैं। कई गाड़ियों का फास्टैग रीड नहीं हो पाता है।
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वहीं फास्टैग वाली लेन में बिना फास्टैग वाली गाड़ियां घुस आती हैं। इससे समस्या और बढ़ जाती है। हर टोल पर दो से चार लेन तक बिना फास्टैग के चलानी पड़ रही हैं। इसको लेकर लखनऊ में बैठक भी हो चुकी है। आगरा खंड के तहत आने वाले रायभा टोल, टूंडला, बरोस, फिरोजाबाद, अलीगढ़ टोल पर किसी पर भी 50 फीसदी तक फास्टैग नहीं हो सका है।
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राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर एनएचएआई ने 15 दिसंबर से फास्टैग को अनिवार्य किया था। इसके लिए नवंबर से ही तैयारियां की गई थीं। इसके बाद फास्टैग लेन बनाई गईं। फास्टैग रिचार्ज और बनवाने के लिए काउंटर भी लगवाए गए।
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वाहन स्वामियों ने फास्टैग लगवाए, लेकिन अभी तक टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों को फास्टैग को रीड करने में दो से पांच मिनट तक का समय लग जाता है। इस दरम्यान गाड़ियां खड़ी रहती हैं। कई गाड़ियों का फास्टैग रीड नहीं हो पाता है।
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वहीं फास्टैग वाली लेन में बिना फास्टैग वाली गाड़ियां घुस आती हैं। इससे समस्या और बढ़ जाती है। हर टोल पर दो से चार लेन तक बिना फास्टैग के चलानी पड़ रही हैं। इसको लेकर लखनऊ में बैठक भी हो चुकी है। आगरा खंड के तहत आने वाले रायभा टोल, टूंडला, बरोस, फिरोजाबाद, अलीगढ़ टोल पर किसी पर भी 50 फीसदी तक फास्टैग नहीं हो सका है।
आ रही हैं दिक्कतें: पीडी
एनएचएआई आगरा खंड के परियोजना निदेशक अरुण कुमार यादव ने बताया कि टोल प्लाजा पर फास्टैग अब भी 47 फीसदी तक ही हो सका है। इसे रीड करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इस आंकड़े को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
नई व्यवस्था सुचारु नहीं, लगता है समय
आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि आगरा हो या फिर दिल्ली रोड, हर टोल प्लाजा पर अभी तक फास्टैग सिस्टम सुचारु नहीं हो सका है। यही कारण है कि चार से पांच लेन तक बिना फास्टैग के चलानी पड़ रही हैं। एनएचएआई ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित नहीं किया है। कामर्शियल गाड़ियों के लिए अलग लेन बनाई जानी चाहिए।
अब भी उतना ही समय लग रहा
महानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजपाल यादव ने कहा कि टोल प्लाजा पर फास्टैग वाली गाड़ियों को भी उतना ही समय लग रहा है जितना ही बिना फास्टैग वाली गाड़ियों को लगता है। ऐसे में फास्टैग का कोई फायदा तो अभी तक सामने नहीं आया है। कार्मिशियल गाड़ियों के शुल्क में भी कमी करनी चाहिए, क्योंकि राजस्व ये गाड़ियां ज्यादा दे रही हैं।
नई व्यवस्था सुचारु नहीं, लगता है समय
आगरा पब्लिक कैरियर एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि आगरा हो या फिर दिल्ली रोड, हर टोल प्लाजा पर अभी तक फास्टैग सिस्टम सुचारु नहीं हो सका है। यही कारण है कि चार से पांच लेन तक बिना फास्टैग के चलानी पड़ रही हैं। एनएचएआई ने कर्मचारियों को प्रशिक्षित नहीं किया है। कामर्शियल गाड़ियों के लिए अलग लेन बनाई जानी चाहिए।
अब भी उतना ही समय लग रहा
महानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजपाल यादव ने कहा कि टोल प्लाजा पर फास्टैग वाली गाड़ियों को भी उतना ही समय लग रहा है जितना ही बिना फास्टैग वाली गाड़ियों को लगता है। ऐसे में फास्टैग का कोई फायदा तो अभी तक सामने नहीं आया है। कार्मिशियल गाड़ियों के शुल्क में भी कमी करनी चाहिए, क्योंकि राजस्व ये गाड़ियां ज्यादा दे रही हैं।