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कोरोना का कहर: रेनो-निसान प्लांट में संक्रमण के डर से मजदूरों का 26 मई से हड़ताल का एलान
Mon, 24 May 2021 06:27 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 24 May 2021 06:27 PM IST
सार
तमिलनाडु में रेनो-निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट में सामाजिक दूर के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है और कारखाने की स्वास्थ्य नीतियां उनके जीवन को जोखिम में डाल रही हैं।
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Renault Car Plant
- फोटो : Renault (For Representation Only)
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विस्तार
दक्षिण भारत में Renault-Nissan (रेनो-निसान) ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों ने बुधवार (26 मई) से हड़ताल पर जाने का एलान किया है। मजदूरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने सोमवार को एक चिट्ठी में कंपनी को बताया कि कोविड-19 से संबंधित उनकी सुरक्षा मांगें पूरी नहीं हुई हैं। रेनो-निसान इंडिया थोझीलालार संगम (आरएनआईटीएस) ने कहा है कि जब तक प्लांट में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती वह काम पर नहीं लौटेंगे।
बता दें कि तमिलनाडु में फ्रांस की निसान मोटर और उसकी जापानी सहयोगी रेनो के संयुक्त स्वामित्व वाले प्लांट में हड़ताल की धमकी, मजदूरों के आरोपों पर अदालत की सुनवाई से पहले आई है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट में सामाजिक दूरी के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है और कारखाने की स्वास्थ्य नीतियां उनके जीवन को जोखिम में डाल रही हैं।
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बता दें कि तमिलनाडु में फ्रांस की निसान मोटर और उसकी जापानी सहयोगी रेनो के संयुक्त स्वामित्व वाले प्लांट में हड़ताल की धमकी, मजदूरों के आरोपों पर अदालत की सुनवाई से पहले आई है। मजदूरों का कहना है कि प्लांट में सामाजिक दूरी के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है और कारखाने की स्वास्थ्य नीतियां उनके जीवन को जोखिम में डाल रही हैं।
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प्लाटं में कर्मचारियों के इस यूनियन में लगभग 3,500 श्रमिक हैं। निसान की इस प्लाटं में ज्यादा हिस्सेदारी है। उसने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला अदालत में है। रेनो-निसान ने पिछले हफ्ते भारत की अदालत को बताया कि उसने इस दावे को खारिज कर दिया कि कारखाने में कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की जा रही थी। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि ग्राहकों के ऑर्डर को पूरा करने के लिए उसे उत्पादन जारी रखने की आवश्यकता है।
आरएनआईटीएस के मुताबिक कंपनी ने कोरोनो महामारी के बढ़ते संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्लांट में मजदूरों की संख्या को कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि दफ्तर और प्लांट में आने वाले लोगों की संख्या को कम करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूनियन ने कंपनी को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा कि कंपनी प्रबंधन किसी भी मामले में कर्मचारी संघ से कोई मशवरा नहीं करता है और एकतरफा फैसला लेता रहा है। इतना ही नहीं यूनियन का आरोप है कि कंपनी मजदूर यूनियन को सिर्फ अपनी बात मनवाने के लिए एक लाउडस्पीकर के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल रेनो-निसान प्लांट में पांच मजदूरों की मौत हो गई थी और करीब 850 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। सिर्फ 2021 में ही अब तक करीब 420 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूनियन ने कंपनी को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा कि कंपनी प्रबंधन किसी भी मामले में कर्मचारी संघ से कोई मशवरा नहीं करता है और एकतरफा फैसला लेता रहा है। इतना ही नहीं यूनियन का आरोप है कि कंपनी मजदूर यूनियन को सिर्फ अपनी बात मनवाने के लिए एक लाउडस्पीकर के तौर पर इस्तेमाल करना चाहती है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल रेनो-निसान प्लांट में पांच मजदूरों की मौत हो गई थी और करीब 850 लोग कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। सिर्फ 2021 में ही अब तक करीब 420 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
बहरहाल इस कानूनी लड़ाई से उन चुनौतियों का पता चलता है जिसका भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच ऑटोमोबाइल कंपनियां सामना कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) कर्मचारी संघ के दो सूत्रों का कहना है कि ह्यूंदै मोटर कंपनी के कई कर्मचारियों ने अपनी स्वास्थ्य चिंताओं के डर से, तमिलनाडु राज्य में वाहन निर्माता के प्लांट में काम रोक दिया है और धरना दे रहे हैं।
हालांकि ह्यूंदै मोटर इंडिया ने इस मामले में टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो सका है कि यह विरोध कब तक जारी रहेगा और इससे ह्यूंदै का उत्पादन कितना प्रभावित होगा।
भारत में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों में तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है। तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के एक दिन में 30,000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
हालांकि ह्यूंदै मोटर इंडिया ने इस मामले में टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो सका है कि यह विरोध कब तक जारी रहेगा और इससे ह्यूंदै का उत्पादन कितना प्रभावित होगा।
भारत में कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों में तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है। तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के एक दिन में 30,000 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।