फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   public charging station will not require a licence to charge electric vehicles at home or office

घर-दफ्तर में चार्ज कर सकेंगे इलेक्ट्रिक व्हीकल, नहीं लेना पड़ेगा लाइसेंस

Tue, 18 Dec 2018 05:28 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क अमर उजाला
ऑटो डेस्क अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 18 Dec 2018 05:28 PM IST
विज्ञापन
public charging station will not require a licence to charge electric vehicles at home or office
Electric Vehicle Charging Station

केन्द्र सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए नए-नए कदम उठा रही है। अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना चाहते हैं, तो उसे चार्ज करने के लिए आपको दर-दर धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी वजह है कि हाल ही में सरकार ने नए नियम जारी करते हुए कहा है कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस की जरूरत नहीं है।

विज्ञापन

देश में अभी 500 चार्जिंग स्टेशन

पिछले हफ्ते ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जारी गाइडलाइंस और स्टैंडर्ड के मुताबिक ई-वाहनों को चार्ज करने के लिए पॉवर टैरिफ उचित कमीशन द्वारा तय किए जाएंगे, आपूर्ति की औसत लागत से और 15% से ज्यादा न हो। वहीं अपने घर में चार्जिंग स्टेशन लगाते हैं, तो घरेलू दरों के हिसाब से बिजली की दरें वसूली जाएंगी। देश में फिलहाल लगभग 500 चार्जिंग स्टेशन हैं। नए नियमों के तहत अब कोई भी व्यक्ति या संस्था पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगा सकता है, लेकिन इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) के मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

5500 करोड़ रुपए की सब्सिडी

उम्मीद जताई जा रही है कि नए नियमों से इलेक्ट्रिक औय हाइब्रिड वाहनों की निर्माण में तेजी आएगी। वहीं सरकार भी अगले साल अप्रैल में फेम स्कीम (फास्टर एडोप्शन एंड मैन्यूफेक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल्स) का दूसर चरण शुरू करने जा रही है। फेम 2 के तहत अगले पांच सालों में इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को 5500 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद दी जाएगी।

 

विज्ञापन

टाटा पॉवर खोलेगी 1000 चार्जिंग स्टेशन

इसके अलावा सरकार दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में तकरबीन 1000 चार्जिंग स्टेशन खोलने जा रही है। टाटा पावर इस योजना में 70 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। टाटा पावर के फिलहाल मुंबई, दिल्ली और हैदराबाद में 21 चार्जिंग स्टेशन हैं। टाटा पॉवर के चार्जिंग स्टेशनों पर गाड़ियां महज 90 मिनट में जीरो से फुल चार्ज हो सकेंगी, वहीं सामान्य चार्जर के जरिए फुलचार्ज करने में सात घंटे तक लग जाते हैं। टाटा पावर तेल कंपनियों हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के साथ मिलकर इस योजना को अंजाम देगी

 

कंपनियां उठा चुकी हैं सवाल

वहीं मारुति सुजुकी, हुंडई, वोल्वो और किआ मोटर्स ने पहले ही इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड व्हीकल्स बनाने की घोषणा कर चुकी हैं। वहीं टाटा मोटर्स और महिन्द्रा एंड महिन्द्रा पहले ही सरकार को इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति कर रही है। इससे पहले कई कंपनियां ई-वाहनों की चार्जिंग को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का मुद्दा जोरशोर से उठा चुकी हैं। सरकार फेम 2 के तहत पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर एक हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी भी देगी।

 

फेम 2 अगले साल अप्रैल से

फेम 2 के पहले चरण में मुंबई, दिल्ली, बंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, पुणे और सूरत के एक्सप्रेस वे और हाईवे को जोड़ा गया। पहला चरण तीन साल तक चला था। वहीं फेम के दूसरे चरण में राज्यों की राजधानी, केन्द्र शासित प्रदेशों के हाईवे को जोड़ा जाएगा, जो अप्रैल 2019 से शुरू होगा। इसके लिए मंत्रालय एक केन्द्रीय नोडल एजेंसी बनाएगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed