महाराष्ट्र का पुणे शहर एक बेहद विचित्र कार्य के लिए चर्चा में है। पिछले साल, पुणे पुलिस ने दोपहिया वाहन सवारों के लिए हेलमेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया था। तब से, पुणे की जनता का एक बड़ा हिस्सा नए कानून का विरोध कर रहा है। कानून 1 जनवरी 2019 से लागू हुआ और पुलिस ने मोटर चालकों को नए अनिवार्य हेलमेट नियम का पालन नहीं करने के लिए 9,500 से अधिक जुर्माने लगाए हैं।
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विचित्रः हेलमेट के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़, शामिल हुए राजनेता
Fri, 11 Jan 2019 05:06 PM IST
Harendra Chaudhary
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 11 Jan 2019 05:06 PM IST
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Helmet funeral
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Helmet protest
पुणे के एक समूह (Helmet Sakti Virodhi Kruti Samiti) हेलमेट शक्ति विरोधी कृति समिति ने नए शासन के खिलाफ विरोध करने के लिए एक हेलमेट के अंतिम संस्कार समारोह का आयोजन किया। शासन के प्रभाव में आने के 10 वें दिन अंतिम संस्कार किया गया। इस पूरे आयोजन की अगुवाई एक शिवसेना नेता महादेव बाबई कर रहे थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन की जमकर खिंचाई की और सभी दोपहिया वाहन सवारों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया।
Helmet protest
नवगठित समिति के प्रमुख के अनुसार राजमार्गों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जा सकता है, लेकिन उन्हें शहर की सीमा के अंदर की आवश्यकता नहीं है, जहां 20-30 किमी / घंटा दोपहिया वाहनों द्वारा अधिकतम गति प्राप्त की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने यहां तक कहा कि वे जुर्माना देने से छूटने के लिए अपने पगड़ी पहनना शुरू कर देंगे। दिलचस्प बात यह है कि सिखों को हेलमेट पहनने से छूट है क्योंकि हेलमेट उनके पगड़ी में फिट नहीं हो सकते।
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bike accident
पुणे की पुलिस ने नए नियमों को लागू किया था जिसके पीछे वजह पुणे की सड़कों पर दोपहिया वाहन से हो रही दुर्घटनाएं हैं। जिसके कारण 184 लोगों की मौत हुई थी। इस विषय पर पुणे से सांसद अनिल शिरोले ने कहा कि आज के समय में अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनना सबसे जरूरी है।
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Helmet protest
पुणे निवासियों ने पहले पत्रकार भवन से पुलिस कमिश्नर के कार्यालय तक बिना हेलमेट के सवारी करते हुए हेलमेट का विरोध किया।काफिले में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सवार थे। इसी बीच मौजूद पुलिस ने बिना हेलमेट के सवारों की तस्वीरें क्लिक की और इलेक्ट्रॉनिक चालान जारी किए।