वाहन विक्रेताओं की SC से गुहार, बिकने दें बीएस 3 वाहन
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1 अप्रैल से बीएस3 वाहनों की बिक्री बंद हो जाएगी क्योंकि नया मानक बीएस4 लागू हो रहा है। लेकिन ऑटो इंडस्ट्री पुराने बचे ढेर सारे स्टॉक को लेकर काफी कश्मकश में है। बजाज द्वारा दायर की कई याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सियाम से कंपनियों के बचे स्टॉक की जानकारी मांगी थी। लेकिन अब इस मामले में फाडा कूद पड़ी है। फाडा का पूरा मतलब है फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन। इस संगठन को लगता है कि 1 अप्रैल के बाद अगर पुराने स्टॉक पर पाबंदी लगी तो ऑटो इंडस्ट्री पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
फाडा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका के तहत यह अपील की है कि बीएस3 वाले वाहनों को बेचने की अनुमति 1 अप्रैल के बाद भी मिलनी चाहिए। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे द्वारा जारी किए नोटीफिकेशन के मुताबिक 1 अप्रैल के बाद न तो देश में बीएस3 मानक वाहन न तो बनाए जा सकते हैं और न ही बेचे जा सकते हैं, अब यहां पर सिर्फ बीएस4 मानक पर आधारिक वाहनों को ही बनाया बेचा जा सकेगा। इसकी जानकारी कंपनियों को जनवरी 2014 में ही ऑटो निर्माता कंपनियों को दे दिया गया था। हालांकि इस मामले में एक केस और पेंडिंग है जिसकी सुनवाई 24 मार्च को है जिसमें कोर्ट यह तय करेगी कि यह नियम नए पंजीकरण वाले वाहनों और बिकने वाले वाहनों पर भी लागू किया जाएगा या नहीं।
फाडा के इंटरनेशनल अफेयर्स एंड ग्लोबल रिलेशंस के डायरेक्टर निकुंज संघी का कहना है कि इस मामले में डीलर्स न चाहते हुए भी फंस रहे हैं। मौजूदा समय में कुल 20000 ऑटोमोबाइल सेल्स आउटलेट्स हैं। इस संगठन का मानना है कि अगर यह कानून सख्ती के साथ लागू कराया गया तो ऑटोमोबाइल रिटेल बिजनेस इससे बहुत प्रभावित होगा और बहुत सी लोगों की नौकरियां भी जा सकती हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर क्या फैसला सुनाती है। लेकिन इसके चलते सबसे ज्यादा परेशानी में दुपहिया वाहन निर्माता कंपनियां जिनके पास सबसे ज्यादा इंवेटरी बची हुई है।