{"_id":"617919c6a2e7695ba6361bb5","slug":"nitin-gadkari-asks-officials-to-work-on-proposal-for-dhaba-owners-to-open-petrol-pumps","type":"story","status":"publish","title_hn":"Petrol Pump: नेशनल हाईवे के किनारे ढाबों पर खुल सकते हैं पेट्रोल पंप, नितिन गडकरी ने कही यह बात","category":{"title":"Auto News","title_hn":"ऑटो न्यूज़","slug":"auto-news"}}
Petrol Pump: नेशनल हाईवे के किनारे ढाबों पर खुल सकते हैं पेट्रोल पंप, नितिन गडकरी ने कही यह बात
Wed, 27 Oct 2021 02:50 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 27 Oct 2021 02:50 PM IST
सार
अगली बार जब आप हाईवे पर सफर के दौरान चाय-पानी या खाना खाने के लिए किसी छोटे से ढाबे पर रुकेंगे, तो इसकी संभावना है कि आप वहां अपनी गाड़ी में तेल भी भरवा सकेंगे। जानें नितिन गडकरी का क्या है सुझाव।
विज्ञापन
highway
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगली बार जब आप हाईवे पर सफर के दौरान चाय-पानी या खाना खाने के लिए किसी छोटे से ढाबे पर रुकेंगे, तो इसकी संभावना है कि आप वहां अपनी गाड़ी में तेल भी भरवा सकेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय के अधिकारियों से एक प्रस्ताव पर काम करने को कहा है जिससे ढाबा मालिकों को पेट्रोल पंप बनाने की अनुमति मिल सके।
हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में, गडकरी ने बताया कि कैसे ढाबों में ईंधन स्टेशनों के कई फायदे हो सकते हैं - ढाबा मालिकों के साथ-साथ मोटर चालकों के लिए भी। गडकरी ने कहा, "लोग सड़क किनारे की जमीन पर अतिक्रमण कर ढाबे खोल रहे हैं। सुबह मैंने MoRTH के अधिकारियों से कहा, जिस तरह NHAI (एनएचएआई) पेट्रोल पंपों के लिए एनओसी देता है, उसी तरह हमें छोटे ढाबा मालिकों को नेशनल हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप और शौचालय बनाने के लिए अधिकृत मंजूरी देने पर भी विचार करना चाहिए।"
कमाई का अतिरिक्त साधन
यह कदम देश में राजमार्गों पर ईंधन स्टेशनों के नेटवर्क को जोड़ने के साथ-साथ ऐसे ढाबा मालिकों को कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है। हालांकि गडकरी ने इस समय यहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लगाए जाने का कोई जिक्र नहीं किया है। लेकिन यह कदम आने वाले समय में ऐसी सुविधाओं की नींव भी रख सकता है। संभवतः इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों की ड्राइविंग रेंज से जुड़ी चिंताओं को काफी कम कर सकता है।
विज्ञापन
देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ, जो कि अगले चार वर्षों में 2 लाख किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा, खुली सड़कों पर और ज्यादा सुविधाओं की जरूरतों में इजाफा होना तय है।
इसके साथ ही परिवहन के लिए ईंधन के तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन की वकालत करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत को ऐसा देश बनाने की जरूरत है जो पेट्रोल और डीजल के आयात पर निर्भर न रहे। हाल ही में एक कार्यक्रम में गडकरी ने खेद व्यक्त किया कि कुछ देश पेट्रोल और डीजल की बिक्री से आर्थिक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
विज्ञापन
हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में, गडकरी ने बताया कि कैसे ढाबों में ईंधन स्टेशनों के कई फायदे हो सकते हैं - ढाबा मालिकों के साथ-साथ मोटर चालकों के लिए भी। गडकरी ने कहा, "लोग सड़क किनारे की जमीन पर अतिक्रमण कर ढाबे खोल रहे हैं। सुबह मैंने MoRTH के अधिकारियों से कहा, जिस तरह NHAI (एनएचएआई) पेट्रोल पंपों के लिए एनओसी देता है, उसी तरह हमें छोटे ढाबा मालिकों को नेशनल हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप और शौचालय बनाने के लिए अधिकृत मंजूरी देने पर भी विचार करना चाहिए।"
विज्ञापन
कमाई का अतिरिक्त साधन
यह कदम देश में राजमार्गों पर ईंधन स्टेशनों के नेटवर्क को जोड़ने के साथ-साथ ऐसे ढाबा मालिकों को कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है। हालांकि गडकरी ने इस समय यहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लगाए जाने का कोई जिक्र नहीं किया है। लेकिन यह कदम आने वाले समय में ऐसी सुविधाओं की नींव भी रख सकता है। संभवतः इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों की ड्राइविंग रेंज से जुड़ी चिंताओं को काफी कम कर सकता है।
विज्ञापन
देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ, जो कि अगले चार वर्षों में 2 लाख किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा, खुली सड़कों पर और ज्यादा सुविधाओं की जरूरतों में इजाफा होना तय है।
इसके साथ ही परिवहन के लिए ईंधन के तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन की वकालत करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत को ऐसा देश बनाने की जरूरत है जो पेट्रोल और डीजल के आयात पर निर्भर न रहे। हाल ही में एक कार्यक्रम में गडकरी ने खेद व्यक्त किया कि कुछ देश पेट्रोल और डीजल की बिक्री से आर्थिक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।