फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   nirmala sitharaman on automobile industry new vehicle scrapping policy india vehicle scrappage

जल्द होगा वाहन कबाड़ नीति का एलान, गाड़ियां 20 से 30 फीसदी तक हो जाएंगी सस्ती

Sun, 02 Feb 2020 02:54 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sun, 02 Feb 2020 02:54 PM IST
विज्ञापन
nirmala sitharaman on automobile industry new vehicle scrapping policy india vehicle scrappage
15 years old vehicles scrap - फोटो : Social
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने की नीति पर काम चल रहा है। संबंधित मंत्रालयों से सारी व्यवस्था को ठीक करने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। प्रस्तावित नीति को मंजूरी मिलने के बाद यह दोपहिया समेत सभी वाहनों पर लागू होगी। 
विज्ञापन


सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी पहले ही कह चुके हैं कि नीति को मंजूरी के बाद भारत एक वाहन क्षेत्र के बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है। क्योंकि वाहन उद्योग से जुड़ा माल यानी स्टील, एल्युमीनियम और प्लास्टिक कबाड़ के रिसाइकिल होने से मिल जाएगा। इससे वाहनों की कीमत में 20 से 30 फीसदी कमी आएगी। 
विज्ञापन


नीति के मसौदे के मुताबिक 15 साल पुराने वाहनों को हर छह महीने में उसके सही होने का प्रमाणपत्र (फिटनेस सर्टिफिकेट) लेना होगा। अभी यह समयसीमा एक साल है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इतने वाहन हो जाएंगे कबाड़

बता दें कि लंबे समय से प्रस्तावित वाहन कबाड़ नीति को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही, साल 2005 के पहले के रजिस्टर्ड वाहनों के लिए फिर से रजिस्ट्रेशन और फिटनेस करवाना महंगा पड़ सकता है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश में इन दिनों 2005 से पहले के रजिस्टर्ड 2 करोड़ से ज्यादा वाहन सड़कों पर हैं। 

कैबिनेट नोट मंजूर

सरकार के इस कदम के बाद इन वाहनों का दोबारा से पंजीकरण कराना महंगा साबित हो सकता है। नए उत्सर्जन मानकों के मुताबिक नए वाहनों के मुकाबले ये वाहन 10 से 25 फीसदी तक ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। नितिन गडकरी बता चुके हैं कि उन्होंने प्रस्तावित नीति पर बनाए गए कैबिनेट नोट को मंजूरी दे दी है। 
 

रखरखाव के बावजूद प्रदूषण

पिछले कुछ सालों में भारत के वाहन बाजार में काफी गति आई है। अगर पुराने प्रदूषण उत्सर्जन मानकों से तुलना करें, तो साल 2005 से पुराने वाहन नए मानकों से 10 से 25 फीसदी तक ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। यहां तक कि अगर इन वाहनों का रखरखाव सावधानी से भी किया जाए, तो भी वे उत्सर्जन मानकों से ज्यादा प्रदूषण करेंगे। साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए भी हानिकारक हैं। 

हर साल फिटनेस सर्टिफिकेशन जरूरी

प्रस्तावित नीति में निजी वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशऩ फीस बढ़ाने के साथ ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेशन चार्जेज में बढ़ोतरी की गई है। ऐसे वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए प्रस्तावित नीति में और भी कई प्रावधान हो सकते हैं। 

वाहनों का डाटाबेस भी बनेगा

साथ ही इस नीति में गाड़ी में लगे एयरबैग्स को वैज्ञानिक तरीकों से डिस्पोजल के साथ साइलेंसर में मिलने वाली धातुओं और रबर का इको-फ्रेंडली तरीके से निपटान किया जाएगा। वहीं गाड़ी से निकलने वाले इंजन ऑयल को जमीन पर नहीं फेंका जाएगा, बल्कि वैज्ञानिक तरीकों से निपटा जाएगा। स्टील मंत्रालय ऐसे स्क्रैपिंग सेंटर्स पर काम कर रहा है और सड़क मंत्रालय इन्हें मान्यता देगा। साथ ही, किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए ऐसे वाहनों का डाटाबेस भी बनाया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed