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जहां चाह वहां राह, लॉकडाउन के दौरान टायर पंचर बनाने वाले इस शख्स ने ऐसे पाला परिवार
Mon, 20 Jul 2020 08:37 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 20 Jul 2020 08:37 PM IST
सार
- पंचर की मरम्मत की दुकान लगाने वाले शेख इमरान को लॉकडाउन के कारण अपनी दुकान बंद रखनी पड़ी।
- लेकिन कहते हैं ना जहां चाह वहां राह, उन्होंने अपनी नायाब सोच से अपने परिवार का पेट पाला।
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Tyre Puncture
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के कारण ज्यादातर लोगों के आय का जरिया प्रभावित हुआ है। ऐसे में औरंगाबाद में एक टायर पंचर रिपेयर शॉप के मालिक ने इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भी कमाई को बनाए रखने के लिए एक रास्ता खोज निकाला। उन्होंने इस सर्विस को अपने दोपहिया वाहन पर देना शुरू कर दिया।
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शहर के शाहनूर मिया दरगाह चौक इलाके में पंचर की मरम्मत की दुकान लगाने वाले 45 वर्षीय शेख इमरान ने कहा कि लॉकडाउन के कारण उन्हें अपनी दुकान बंद रखनी पड़ी।
उन्होंने कहा, "लेकिन लॉकडाउन के दौरान भी, महामारी को रोकने के लिए काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहन सड़कों पर चल रहे थे।"
उन्होंने कहा, "लेकिन लॉकडाउन के दौरान भी, महामारी को रोकने के लिए काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहन सड़कों पर चल रहे थे।"
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इमरान कहते हैं कि "तीन साल पहले, मैंने एक प्रयोग किया था जिसमें मैंने अपने स्कूटर पर एक एयर कंप्रेसर लगाया था जो कि वाहन के इंजन पर ही चलता है, और उसके बाद मैंने शहर के विभिन्न जगहों पर पहुंचकर पंक्चर ठीक करना शुरू कर दिया था। लॉकडाउन के दौरान यह मेरे काम आया।"
उन्होंने कहा, "आपातकालीन सेवाओं में काम करने वाले कुछ लोगों ने मेरा मोबाइल नंबर सेव कर लिया था, जिसे लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर शेयर किया गया था। उन्होंने मुझे टायर पंक्चर ठीक करने के लिए कॉल करना शुरू कर दिया।"
उनके अनुसार, वह एक सीमित इलाके में अपनी सेवा प्रदान करते हैं क्योंकि ग्राहक कभी-कभी नियमित शुल्क से ज्यादा पैसे देने से मना कर देते हैं।
उनके अनुसार, वह एक सीमित इलाके में अपनी सेवा प्रदान करते हैं क्योंकि ग्राहक कभी-कभी नियमित शुल्क से ज्यादा पैसे देने से मना कर देते हैं।
वे कहते हैं, "लेकिन मैंने लॉकडाउन अवधि के दौरान रोजाना कम से कम 500 रुपये कमाए। मैं पिछले 10 वर्षों से पंचर की मरम्मत की दुकान चला रहा हूं, लेकिन मैंने एक प्रयोग के रूप में तीन साल के लिए मोबाइल पंचर फिक्सिंग सेवा शुरू की, जिसने अब मेरी मदद की।"
क्या महामारी के दौरान काम करने पर उन्हें डर नहीं लगा, यह सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे पैसे कमाने के लिए बाहर जाना होगा। मैं सभी सुरक्षा उपायों का पालन करता हूं।"
क्या महामारी के दौरान काम करने पर उन्हें डर नहीं लगा, यह सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे पैसे कमाने के लिए बाहर जाना होगा। मैं सभी सुरक्षा उपायों का पालन करता हूं।"