फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   In this way your car mileage will good and engine performance will also be improved

इस तरीके से आपकी कार देगी बढ़िया माइलेज, इंजन की परफॉरमेंस भी होगी इंप्रूव

Fri, 07 Dec 2018 12:23 PM IST
ऑटो डेस्क अमर उजाला
ऑटो डेस्क अमर उजाला Updated Fri, 07 Dec 2018 12:23 PM IST
विज्ञापन
In this way your car mileage will good and engine performance will also be improved
कार माइलेज

अगर आप अपनी कार की माइलेज बढ़ाने के साथ ही उसकी परफॉरमेंस भी इंप्रूव करना चाहते हैं, तो हम आपको ऐसा सस्ता और बेहतरीन तरीका बता रहे हैं, जिससे न केवल आपकी गाड़ी का इंजन कम आवाज करना शुरू कर देगा, बल्कि आपको माइलेज में भी फर्क दिखाई देगा।ॉ

विज्ञापन


खर्च मात्र 200 से 300 रुपए
दरअसल लंबे वक्त तक फ्यूल टैंक में डीजल या पेट्रोल इस्तेमाल करने से उसके फ्यूल इंजेक्टर्स पर कार्बन जम जाता है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल में मौजूद गंदगी से जंग की समस्या भी पैदा होने लगती है। जिसके चलते आपकी गाड़ी की स्मूदनेस खत्म हो जाती है और इंजन में वाइब्रेशन होने लगती है। वहीं गाड़ी के माइलेज पर भी असर पड़ता है। इस समस्या से निबटने में फ्यूल एडिटिव्स (Fuel Additives) आपकी मदद कर सकते हैं। वहीं ये पॉकेट फ्रेंडली भी हैं और खर्च भी मात्र 200 से 300 रुपए ही आता है।
विज्ञापन

 

पेट्रोल-डीजल के लिए अलग-अलग

हालांकि एडिटिव्स कई फॉर्म में आते हैं, जैसे इंजन और गियर के लिए अलग, वहीं फ्यूल के लिए अलग होते हैं। लेकिन फ्यूल एडिटिव्स से ही शुरूआत करना बेहतर होगा। फ्यूल एडिटिव्स न केवल आपकी गाड़ी की फ्यूल एफिशिअंसी बढ़ाएंगे बल्कि आपको गाड़ी की टॉप स्पीड और परफॉरमेंस में भी साफ अंतर दिखाई देगा। पेट्रोल और डीजल कारों के लिए अलग-अलग फ्यूल एडिटिव्स आते हैं। ये एडिटिव्स फ्यूल इंजेक्टर्स की सफाई करने के साथ प्रदूषण में भी कमी लाते हैं। इसके अलावा फ्यूल लाइन और फ्यूल टैंक में भी लगे पुराने जंग और वाइब्रेशन को भी खत्म करते हैं।

2000 किमी की लाइफ
इन फ्यूल एडिटिव्स को टैंक फुल कराने के बाद डाला जा सकता है। आमतौर पर 50 लीटर टैंक के लिए एक बोटल काफी होती है। वहीं तकरीबन 100 किमी चलने के बाद इसके फायदे दिखने शुरू होते हैं। इन एडिटिव्स की लाइफ तकरीबन 2 हजार किमी तक होती है। इसके बाद आपको नए सिरे से टैंक में डालना होगा। या फिर कुछ अंतराल के बाद आप इन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन इन्हें इस्तेमाल करने से पहले अपने मैकेनिक से सलाह-मशविरा जरूर करें। Fuel Additives भारतीय बाजार में ये बेहद आसानी से उपलब्ध हैं, इन्हें ऑनलाइऩ या ऑफलाइन खरीदा जा सकता है।

 

बढ़ता है कार का पिकअप 

इसमें मौजूद ऑक्टेन बूस्टर्स फ्यूल को कंबस्ट करने में मदद करते हैं, जिससे इंजन की परफॉरमेंस में इजाफा होता है। इन एडिटिव्स में कुछ खास तत्व होते हैं, जो इंजन को बिना कोई नुकसान किए अंदर लगे जंग को घोल देता है, जिससे इंजन की स्मूदनेस बढ़ जाती है। वहीं इनके इस्तेमाल से इंजेक्टर्स के चारों तरक एक लेयर बन जाती है, जिससे वहां पर कार्बन नहीं लगता। लोगों का अनुभव है इन्हें इस्तेमाल करने के बाद इंजन वाइब्रेशन में 30 प्रतिशत तक की कमी आई, तो वहीं गाड़ी के पिकअप में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला। वहीं अगर आप लॉन्ग ड्राइव पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इनका इस्तेमाल फायदेमंद होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed