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सर्वे में खुलासा, वाहन चालकों को नहीं पता सीट बेल्ट लगाना है जरूरी, नहीं लगाते चाइल्ड लॉक

Wed, 26 Dec 2018 04:06 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 26 Dec 2018 04:06 PM IST
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ford india survey reveals that car owners dont have knowledge about seat belt mandatory
car seat belt delhi traffic challan

दस शहरों में हुए एक कार कंपनी के सर्वे के मुताबिक 51 फीसदी भारतीय प्रतिभागी नहीं जानते कि ड्राइविंग के दौरान सीट बेल्ट लगाना सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। वहीं 42 फीसदी लोगों को कार में आने वाले चाइल्ड लॉक के बारे में जानकारी ही नहीं है। जबकि भारतीय महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले अधिक 'सभ्य' तरीके से गाड़ी चलाती हैं।  

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करते हैं मोबाइल फोन का प्रयोग

फोर्ड मोटर्स इंडिया के सड़क, सुरक्षा एवं जागरुकता को लेकर देश के 10 शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, लखनऊ, लुधियाना, पुणे और इंदौर में हुए सर्वे में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सर्वे के मुताबिक 22 फीसदी वाहनचालकों ने माना कि वे ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, बेंगलुरु में यह संख्या सबसे ज्यादा 56 प्रतिशत रही।

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ड्राइविंग में लुधियाना 'सभ्य'

सर्वे में सामने आए परिणामों के मुताबिक ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर कानून दिल्ली, चेन्नई को सबसे कम स्कोर मिला है, जबकि लुधियाना को सबसे ज्यादा स्कोर मिला है। सर्वे के रिजल्ट के मुताबिक 'सभ्य' ढंग से कार ड्राइविंग के मामले में बड़े शहरों में कोलकाता के वाहन चालकों को सर्वाधिक 649 अंक, हैदराबाद को 635, चेन्नई को 491, बेंगलुरु को 483, मुंबई को 471 और दिल्ली के वाहन चालकों को सबसे कम 413 अंक मिले हैं।

वहीं छोटे शहरों की बात करें, तो लुधियाना के वाहन चालकों को 780, लखनऊ को 737, पुणे को 636 और इंदौर के वाहन चालकों को सबसे कम 588 अंक हासिल हुए।

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मदद करने में पीछे

सर्वे में एक चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। 48 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि वे सड़क पर किसी के लिए रुकना पसंद नहीं करते। यहां तक कि अस्पताल के पास हॉर्न बजाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और इमरजेंसी व्हीकल्स जैसे एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने जैसी हरकतें करने से नहीं चूकते हैं। 40 फीसदी लोगों का कहना था कि वे नेत्रहीन लोगों को रास्ता देने या सड़क पार करने में मदद करने के लिए गाड़ी नहीं रोकते हैं, जबकि 41 फीसदी का कहना था कि वे हादसे के शिकार घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद नहीं करेंगे। जबकि 40 फीसदी का कहना था कि वे किसी बुजुर्ग को सड़क पार करने के लिए अपनी गाड़ी धीमी नहीं करेंगे।  

 

सीट बेल्ट की नहीं है जानकारी

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सीट बेल्ट

सर्वे में पता कि दिल्ली के 32 फीसदी वाहन चालक नहीं जानते कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है। वहीं मुंबई के 47 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि पुलिस वाले को चालान करने से रोकने के लिए वे ट्रैफिक पुलिसकर्मी को धमकाते हैं। सर्वे के मुताबिक 51 फीसदी प्रतिभागी नहीं जानते कि एयरबैग्स बेहतर तरीके से तभी काम करते हैं जब यात्रियों ने सीट बेल्ट लगा रखी हो। वहीं 42 फीसदी वाहनचालकों को नहीं पता था कि पिछली सीट पर बच्चे बैठे होने के बावजूद चाइल्ड लॉक कैसे लगाया जाता है।
 

'सभ्य' है शराब पी कर ड्राइविंग करना !

सर्वे से मिले आंकड़ों के मुताबिक 18 प्रतिशत भारतीय सोचते हैं कि शराब पी कर ड्राइविंग करना बिल्कुल सही है, जबकि मुंबई में यह संख्या सर्वाधिक 39 प्रतिशत है। 45 फीसदी प्रतिभागी स्पीड लिमिट की परवाह नहीं करते और न ही लेन को फॉलो करते हैं। वहीं 33 फीसदी नाबालिगों का ड्राइविंग करना सही मानते हैं।
 

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