इलेक्ट्रिक बाइक-स्कूटर्स वाहनों को नहीं मिल पा रहा है ‘फेम’, बिक्री पर लगा ब्रेक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तमाम कोशिशों में जुटी है, लेकिन बाजार और ग्राहकों को हालिया रुख के आगे ये बेअसर साबित होती जा रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पहली तिमाही में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है। वहीं सरकार की सब्सिडी का फायदा केवल पांच इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को ही मिल पा रहा है।
फेम-2 योजना का दूसरा चरण शुरू
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार फेम-2 योजना का दूसरा चरण शुरू कर चुकी है। इस साल एक अप्रैल से शुरू हुई फास्टर अडप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिकल व्हीकल ऑफ इंडिया यानी फेम 2 योजना के तहत सरकार सब्सिडी के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।
केवल पांच वाहन दोपहिया वाहन निर्माताओं ही योग्य
सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) के मुताबिक अप्रैल से लेकर जून तक पहली तिमाही में फेम-2 योजना में केवल 1700 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 30 हजार यूनिट्स की बिक्री हुई थी। अथर एनर्जी, एम्पीयर, ओकिनावा, जितेंद्र इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और हीरो इलेक्ट्रिक समेत पांच वाहन दोपहिया वाहन निर्माताओं को ही फेम-2 सब्सिडी स्कीम के तहत योग्यता प्रमाणपत्र मिला है।
कई कंपनियों की सरकार ने बंद की मदद
फेम इंडिया स्कीम के पहले चरण में 18 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं के 88 मॉडल्स को ही सब्सिडी योजना के तहत बेचने की अनुमति मिली थी, लेकिन नए प्रावधानों के मुताबिक इनमें से कई तय मानकों के अनुसार नहीं थी, जिसके बाद इन्हें सरकार से वित्तीय मदद मिलनी बंद हो गई।
कंपनियां नहीं बना रही हैं लिथियम बैटरियां
एसएमईवी के महानिदेशक और हीरो इलेक्ट्रिक के चीफ एग्जीक्यूटिव सोहिन्दर गिल का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या बैटरियों को लेकर है और देश में कोई भी लिथियम-आयन बैटरी नहीं बना रहा है, केवल दो या तीन निर्माता ही ऐसे हैं, जो ये बैटरियां बना रहे हैं। फेम इंडिया योजना में शामिल होने के लिए अहम शर्त है कि दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता अपनी गाड़ियों में 50 फीसदी स्वदेशी पुर्जे लगाए और किसी व्हीकल टेस्टिंग एजेंसी से उसे प्रमाण पत्र हासिल हो। ववहीं यह फायदे उन्हीं को मिलेंगे, जिनमें लिथियम-आयन बैटरियां लगी होंगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों का आयात बढ़ा
वाणिज्य मंत्रालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का आयात बढ़ा है और पिछले साल के मुकाबले यह संख्या बढ़ कर दोगुनी 2,170 यूनिट्स तक पहुंच गई है।
वहीं इलेक्ट्रिक दोपहिया-तिपहिया वाहन की श्रेणी की बात करें, तो टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, काइनेटिक ग्रीन एनर्जी एंड पावर सॉल्यूशंस और सारथी को ही फेम-2 योजना के तहत सब्सिडी के लिए चुना गया है। हालांकि इसका कोई डाटा नहीं मिला है कि बिना सब्सिडी के कितने वाहन बेचे गए। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर प्रति किलोवॉट kWh बैटरी पर 10 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। अनुमान के मुताबिक मार्च 2022 तक फेम इंडिया योजना के तहत 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पर 2 हजार करोड़ रुपये सब्सिडी के तौर पर दिए जाएंगे।