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अप्रैल में नहीं बिकी एक भी कार! ऑटो कंपनियों के लिए 'अशुभ' रहा महीना
Sat, 25 Apr 2020 08:07 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 25 Apr 2020 08:07 PM IST
सार
वाहनों की गिरती बिक्री का ग्राफ कार निर्माताओं के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण है। लेकिन अप्रैल के महीने में तो लगता है कि वाहनों की बिक्री का खाता भी नहीं खुला होगा। इससे पता चलता है कि Covid 19 (कोरोना वायरस) ने भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को कितनी बुरी तरह से प्रभावित किया है। देश में 24 मार्च को लॉकडाउन के एलान के बाद 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन जारी है, जिसे फिलहाल 3 मई तक जारी रखने के निर्देश हैं।
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Automobile sector sales drop
- फोटो : Social
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विस्तार
वाहनों का उत्पादन पूरी तरह बंद है और इसकी मांग भी लगभग नहीं है। फैक्ट्रियों में सन्नाटा है, डीलरशिप पर ताला लगा है और लोग अपने घरों तक सीमित हैं। ऐसे परिस्थिति में इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि वाहन निर्माताओं के अप्रैल के महीने की बिक्री रिपोर्ट का आंकड़ा नगण्य रहेगा, अगर वे इसकी कोई रिपोर्ट देंगे तो।
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Skoda की बिक्री शून्य
मिसाल के लिए, Skoda Auto India (स्कोडा ऑटो इंडिया) के निदेशक Zac Hollis (जैक होलीस) ने हाल ही में सोशल मीडिया ट्विटर पर इस बात का खुलासा किया कि मौजूदा स्थिति कैसी है। जैक होलीस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, "मोटर उद्योग में 30 वर्षों के बाद यह मेरे करियर में पहली बार होगा कि मैंने आधिकारिक तौर पर एक महीने में एक भी कार नहीं बेची होगी। मुझे पता है कि जल्द ही व्यापार पटरी पर लौट आएगा, इस बीच सभी सुरक्षित रहें और जहां कहीं भी हैं अपनी सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें।"
मिसाल के लिए, Skoda Auto India (स्कोडा ऑटो इंडिया) के निदेशक Zac Hollis (जैक होलीस) ने हाल ही में सोशल मीडिया ट्विटर पर इस बात का खुलासा किया कि मौजूदा स्थिति कैसी है। जैक होलीस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, "मोटर उद्योग में 30 वर्षों के बाद यह मेरे करियर में पहली बार होगा कि मैंने आधिकारिक तौर पर एक महीने में एक भी कार नहीं बेची होगी। मुझे पता है कि जल्द ही व्यापार पटरी पर लौट आएगा, इस बीच सभी सुरक्षित रहें और जहां कहीं भी हैं अपनी सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें।"
Well after 30 years in the Motor Industry this will be the first time in my career that I will have officially sold zero cars in a month. I know the business will return soon, in the meantime stay safe everyone and follow the Government guidelines wherever you are.
— Zac Hollis (@Zac_Hollis_) April 24, 2020
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मारुति को भी उम्मीद नहीं
Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने भी यह कहा कि अप्रैल में बिक्री के आंकड़े शून्य रह सकते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, "कुछ असामान्य चीजें घटित होंगी। उदाहरण के लिए, ऐसा कभी नहीं हुआ है कि साल में कोई महीना ऐसा हो जब ऑटोमोबाइल की बिक्री शून्य रही होगी। अप्रैल एक ऐसा महीना होने जा रहा है।"
Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने भी यह कहा कि अप्रैल में बिक्री के आंकड़े शून्य रह सकते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, "कुछ असामान्य चीजें घटित होंगी। उदाहरण के लिए, ऐसा कभी नहीं हुआ है कि साल में कोई महीना ऐसा हो जब ऑटोमोबाइल की बिक्री शून्य रही होगी। अप्रैल एक ऐसा महीना होने जा रहा है।"
मार्च से मिले संकेत
मार्च के महीने से ही अशुभ संकेत साफ तौर पर नजर आने लगे थे जब महीने की बिक्री के आंकड़े में नाटकीय गिरावट दिखा। मारुति सुजुकी ने उत्पादन में 32 फीसदी की कटौती की और 2019 के मार्च की तुलना में इस साल मार्च में 79,080 यूनिट्स की बिक्री के साथ 46.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की। वहीं ह्यूंदै ने घरेलू बिक्री में पिछले महीने 26,300 यूनिट्स के साथ 40.69 फीसदी की गिरावट दर्ज की। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स के लिए यह सबसे मनहूस समय था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत वाहनों की बिक्री में क्रमशः 90 फीसदी और 84 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी।
मार्च के महीने से ही अशुभ संकेत साफ तौर पर नजर आने लगे थे जब महीने की बिक्री के आंकड़े में नाटकीय गिरावट दिखा। मारुति सुजुकी ने उत्पादन में 32 फीसदी की कटौती की और 2019 के मार्च की तुलना में इस साल मार्च में 79,080 यूनिट्स की बिक्री के साथ 46.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की। वहीं ह्यूंदै ने घरेलू बिक्री में पिछले महीने 26,300 यूनिट्स के साथ 40.69 फीसदी की गिरावट दर्ज की। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स के लिए यह सबसे मनहूस समय था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत वाहनों की बिक्री में क्रमशः 90 फीसदी और 84 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी।
अप्रैल में बिक्री शून्य!
ये काफी विशाल और अभूतपूर्व आंकड़े हैं। पूरा अप्रैल का महीना लॉकडाउन में बीत गया है। ऐसे में सभी संकेत साफ तौर पर ये इशारा कर रहे हैं कि इस महीने में बिक्री शून्य या लगभग शून्य रहेगी।
ये काफी विशाल और अभूतपूर्व आंकड़े हैं। पूरा अप्रैल का महीना लॉकडाउन में बीत गया है। ऐसे में सभी संकेत साफ तौर पर ये इशारा कर रहे हैं कि इस महीने में बिक्री शून्य या लगभग शून्य रहेगी।
उत्पादन शुरू करना प्राथमिकता
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ऑटो कंपनियों के लिए अप्रैल की बिक्री का आकलन करना बिल्कुल भी आसान नहीं रहा होगा क्योंकि स्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं। यह, वास्तव में, अब यहां से उबरने की कोशिश में हैं और जब भी लॉकडाउन हटाया जाएगा, वहां से आगे की ओर देखेंगी। कारखानों में माल की आपूर्ति और उसे चलाने के लिए प्रयास करना होगा। पिछली योजनाओं पर गंभीर रूप से नए सिरे से विचार किया जा सकता है। और ऑडिट फर्म KPMG (केपीएमजी) ने एक रिपोर्ट में कहा कि नए उत्पादों की लॉन्चिंग या तो टाल दी जाएगी या देर से होगी।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ऑटो कंपनियों के लिए अप्रैल की बिक्री का आकलन करना बिल्कुल भी आसान नहीं रहा होगा क्योंकि स्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं। यह, वास्तव में, अब यहां से उबरने की कोशिश में हैं और जब भी लॉकडाउन हटाया जाएगा, वहां से आगे की ओर देखेंगी। कारखानों में माल की आपूर्ति और उसे चलाने के लिए प्रयास करना होगा। पिछली योजनाओं पर गंभीर रूप से नए सिरे से विचार किया जा सकता है। और ऑडिट फर्म KPMG (केपीएमजी) ने एक रिपोर्ट में कहा कि नए उत्पादों की लॉन्चिंग या तो टाल दी जाएगी या देर से होगी।
चुनौती भरा रहेगा साल
भारतीय मोटर वाहन क्षेत्र जिस मौजूदा हालात में है, वह सिर्फ यहीं नहीं है, बल्कि दुनिया भर की कंपनियां संकट में हैं। इसने कई कंपनियों को नई तकनीक, आर एंड डी (शोध), फेसलिफ्ट के साथ-साथ नए मॉडल में निवेश करने के बारे में फिर से सोचने पर विवश किया है। ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को भी दुनिया भर में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और 2021 में हालात बेहतर होने से पहले 2020 एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण वर्ष हो सकता है।
भारतीय मोटर वाहन क्षेत्र जिस मौजूदा हालात में है, वह सिर्फ यहीं नहीं है, बल्कि दुनिया भर की कंपनियां संकट में हैं। इसने कई कंपनियों को नई तकनीक, आर एंड डी (शोध), फेसलिफ्ट के साथ-साथ नए मॉडल में निवेश करने के बारे में फिर से सोचने पर विवश किया है। ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को भी दुनिया भर में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और 2021 में हालात बेहतर होने से पहले 2020 एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण वर्ष हो सकता है।