कार रजिस्ट्रेशन पर भी मंंदी की मार, दिल्ली में 6 सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा आंकड़ा
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धीमा आर्थिक विकास, उपभोक्ता खर्च, स्थानीय भीड़, यातायात की भीड़ और पार्किंग की बड़ी समस्या के कारण ऑटोमोबाइल की बिक्री में मंदी को दर्शाते हुए, इस साल राष्ट्रीय राजधानी में वाहन रजिस्ट्रेशन के पहले आठ महीनों में गिरावट आई है। भारत में ऑटोमोबाइल के सबसे बड़े बाजारों में से एक दिल्ली है। ऐसे में गिरावट के चलते दिल्ली के राजस्व को भी नुकसान पहुंचता है।
क्या कहते हैं आंकड़े
जनवरी से अगस्त में वाहनों का रजिस्ट्रेशन 61,198 यूनिट्स गिरकर 425,691 यूनिट्स रह गई। साल 2014 के बाद ऐसा पहली बार है जब 12.6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। वहीं दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन 13 फीसदी यानी 43,182 यूनिट्स से घटकर 286,467 रह गया। इस समय दिल्ली में कुल 11,094,474 वाहन रजिस्टर्ड हैं जिनमें टू-व्हीलर्स की संख्या 7,311,731 यूनिट्स और फोर व्हीलर्स की संख्या 3,340,086 है।
पिछले 6 सालों में सबसे बड़ी गिरावट
वाहन रजिस्ट्रेशन जून, जुलाई और अगस्त में विशेष रूप से कम रहा है।
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अगस्त 2018: 62,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
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अगस्त 2019: 49,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
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अगस्त 2017: 54,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
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अगस्त 2016: 56,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
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अगस्त 2015: 54,000 वाहनों का रजिस्ट्रेशन
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अगस्त 2014: 46,249 वाहनों का रजिस्ट्रेशन