अब टोल पर ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेगी आपकी गाड़ी, सरकार देने जा रही है ये बड़ी सुविधा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टोलप्लाजा से भीड़भाड़ खत्म करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने FASTag को ऑनलाइन ई-कटमर्स साइट अमेजन पर बेचने के फैसला किया है। अब इन्हें अमेजन से खरीदा जा सकता है। सरकार के इस फैसले से उम्मीद जताई जा रही है कि इससे टोल नाकों पर ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा।
अमेजन से खरीदने की सुविधा
FASTag को फिर से चार्ज किया जा सकता है और इससे टोल प्लाजा पर पैसे ऑटोमैटिकली ही कट जाएंगे। अमेजन पर मिलने वाला FASTag केवल कारों, जीप और वैन के लिए ही मान्य होगा। केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी स्टेटमेंट के मुताबिक ऑनलाइन मिलने वाले फास्टैग को कस्टमर खुद ही एक्टिवेट कर सकेंगे।
मोबाइल एप को करना होगा डाउनलोड
NHAI FASTag को खरीदते वक्त उसमें कोई बैंक लिंक नहीं होता है। ऑनलाइन खरीदने के बाद कस्टमर्स को My FASTag मोबाइल एप पर केवल अपनी और गाड़ी की डिटेल्स भरनी होगी। जिसके बाद कस्टमर को टैग में अपनी पसंद के बैक को लिंक करना होगा। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इन बैंकों को ही कर सकते हैं लिंक
फिलहाल केवल सात बैंक ही फास्टैग से लिंक किए जा सकते हैं, इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, पेटीएम पैमेंट्स बैंक और इक्विटॉस स्माल फाइनेंस बैक शामिल है।
बैंक भी देते हैं सुविधा
Fastag बैंक से ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। सभी बैंकों की वेबसाइट पर फास्टैग खरीदने का ऑनलाइन ऑप्शन है। इसके लिए आपको कार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो भी अपलोड करना होगा। जिसके बाद एक से दो दिन में आपके घर पर फास्टैग डिलीवर कर दिया जाएगा। इसके लिए बैंक कोई डिलीवरी चार्ज नहीं ले रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर मिलते हैं FASTag
इसके अलावा NHAI FASTag दिल्ली-एनसीआर के चुनिंदा पेट्रोल पंपों और कॉमन सर्विस सेंटर्स पर उपलब्ध हैं और जल्द ही इसे देश के दूसरे मैट्रो शहरों में उपलब्ध कराया जाएगा। फास्टैग्स को इस साल जनवरी, 2019 में एनएचएआई ने इंडियन हाइवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के जरिए लांच किया था।
कैसे करता है काम
इस डिवाइस की मदद से टोल प्लाजा पर रोके बिना ही सीधे पेमेंट हो जाती है। यह डिवाइस कार की वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाई जाती है और रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिपिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी की मदद से चलते हुए ही सीधे टोल के पैसे कट जाते हैं और वाहन रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अप्रैल तक बिके 585.38 करोड़ के FASTag
सरकारी डेटा के मुताबिक अप्रैल तक 585.38 करोड़ों की कीमत वाले 47 लाख फास्टैग्स की बिक्री हो चुकी है। देश के 22 बैंकों और 496 राज्य और राष्ट्रीय टोल प्लाजा से इन्हें जारी किया जाता है।