{"_id":"5bd08919bdec2269351dbde0","slug":"bs-4-category-vehicle-banned-from-today-know-the-meaning-of-bs-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या होते हैं Bs-4 वाहन जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक","category":{"title":"Auto News","title_hn":"ऑटो न्यूज़","slug":"auto-news"}}
क्या होते हैं Bs-4 वाहन जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 24 Oct 2018 08:30 PM IST
विज्ञापन
Central Government on Air Pollution
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देश में बीएस-4 के वाहनों को बेचे जाने पर रोक लगा दी है। यानि आज के बाद से देश में बीएस-4 वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। बता दें, इससे पहले कोर्ट ने पिछले साल बीएस-3 वाहनों की बिक्री पर रोक लगाई थी।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने आज यह स्पष्ट कर दिया कि आज से पूरे देश में बीएस-6 के अनुकूल वाहनों की ही बिक्री की जा सकेगी। पीठ ने कहा कि और अधिक स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ना वक्त की जरूरत है। बीएस-4 नियम अप्रैल 2017 से देशभर में लागू हैं।
विज्ञापन
क्या हैं बीएस वाहन
बीएस उत्सर्जन मानक वे मानक होते हैं जो भारत सरकार द्वारा स्थापित किए गए हैं। इस उत्सर्जन मानक के जरिये मोटर वाहनों के कारण होने वाले वायु प्रदूषण की मात्रा की व्याख्या की जाती है। भारत स्टेज-6 (या बीएस-6) उत्सर्जन नियम एक अप्रैल, 2020 से देशभर में प्रभावी हो जाएंगे।
विज्ञापन
क्या है बीएस के आगे लिखी संख्या
अक्सर आप सुनते होंगे बीएस-2 वाहन, बीएस-3 वाहन और बीएस-4 वाहन। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन संख्याओं का मतलब क्या है? बीएस के आगे संख्या के बढ़ते जाने का मतलब है उत्सर्जन के बेहतर मानक, जो पर्यावरण के अनुकूल हैं। भारत में गाड़ियों के प्रदूषण को मापने के लिए बीएस का इस्तेमाल किया जाता है।
बीएस के आगे जितना बड़ा नंबर लिखा होता है उस गाड़ी से उतने ही कम प्रदूषण होने की संभावना होती है। ये बीएस मानक देश का केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तय करता है। साथ ही देश में चलने वाली हर गाड़ी के लिए यह आवश्यक होता है कि वह इन सभी मानकों पर खरी उतरे।
अब देश में बीएस-6 पर भी चर्चा हो रही है। भारत में शुरुआत हुई थी बीएस-2 से। इसके बाद बीएस-4 का इस्तेमाल किया जाने लगा। जब बीएस-4 इंजन का प्रयोग शुरू हुआ, तब कहा गया था कि बीएस-3 मानक के मुकाबले बीएस-4 मानक वाले इंजन उत्सर्जन में भारी कमी लाएंगे। यानी ये माना गया था कि बीएस-3 मानक वाले इंजन के मुकाबले बीएस-4 वाले इंजनों का इस्तेमाल सुरक्षित है।