अब बाइक की लाइट मेकैनिक भी नहीं कर सकता बंद, जानें क्यूं
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1 अप्रैल से देश में बीएस4 लागू होने जा रहा है। इसके तहत कंपनियों ने अपनी गाड़ियों के इंजन को इसके अनुकूल अपग्रेड कर लिया है। साथ ही दुपहिया निर्माता कंपनियों ने बीएस4 के साथ एएचओ की बाध्यता को भी पूरा करना शुरू कर दिया है। लगभग सभी ऑटो कंपनियों ने 1 अप्रैल को देखते हुए अपने सभी मॉडलों को इसके अनुकूल अपग्रेड कर दिया है। सुरक्षा के लिहाज से एएचओ को भारत में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुपहिया वाहनों की बढ़ रही दुर्घटनाओं पर काबू पाने के लिए यह एएचओ काफी मायने रखता है। दुनिया के कई देशों में यह पहले से ही लागू है।
एएचओ का मतलब होता है ऑटो हेडलैंप्स ऑन, यानी कि जब आपकी मोटरसाइकिल या स्कूटर का इंजन स्टार्ट होगा तो ऑटोहेडलैंप अपने आप शुरु हो जाएगा। इसको बंद करने का कोई भी विकल्प आपकी मोटरसाइकिल या स्कूटर में नहीं होगा। यह फीचर अब तक सिर्फ कुछ हाई एंड मोटरसाइकिलों में ही था लेकिन अब दुपहिया सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने अब यह सबके लिए अनिवार्य कर दिया गया है। कई ऐसी मोटरसाइकिल बाजार में इस नियम के लागू होने से पहले ही लांच हो चुकी हैं।
ऐसे में अगर अब आपके आसपास से कोई मोटरसाइकिल गुजरे और उसकी लाइट जल रही हो तो उसको हाथ दिखाकर लाइट बंद करने का इशारा मत करना। क्योंकि अब हेडलाइट बंद करने का विकल्प उसके पास भी नहीं है। बहुत से राइडर जानकारी न होने के अभाव में अपनी मोटरसाइकिल सर्विस सेंटर लेकर भी पहुंच रहे हैं। लेकिन डरिए मत हेडलाइट ऑन रहने से बाइक का कोई नुकसान नहीं होने वाला।
देश में हर साल हजारों मोटरसाइकिल राइडर सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। एक रिपोर्ट में पाया गया है कि जिन देशों में यह नियम लागू है वहां पर दुपहिया वाहनों का एक्सीडेंट हमारे देश की तुलना में बेहद कम होता है। हेडलाइट जली रहने से राइडर की प्रजेंस रोड पर पूरी तरह से रहती है और सामने से आने वाले वाहनों को भी ऐसी मोटरसाइकिल दूर से ही नजर आ जाती हैं। यह एक बेहद जरूरी सुरक्षा फीचर है और इससे सड़क मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं में शर्तियातौर पर कमी आएगी।