कोरोना के झटके से उबर रहा है ऑटो सेक्टर, दोपहिया वाहनों की बढ़ रही है मांग
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कोरोना के झटके से अब ऑटो सेक्टर धीरे-धीरे उबर रहा है। हालांकि, अगर बिक्री की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले लगभग सभी सेगमेंट में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसका असर टू-व्हीकल कंपनियों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां सभी बड़ी कपनियों की बिक्री घटी है। लेकिन इस बात से भी मना नहीं किया जा सकता कि लॉकडाउन के बाद जिस तरह का डर या अंदेशा था, उसके मुकाबले ऑटो सेक्टर काफी बेहतर परफॉर्म कर रहा है। टू-व्हीलर सेगमेंट की बात करें तो जून में भले ही कंपनियों की बिक्री घटी है, लेकिन हालात सुधरे हैं। जून में दो-पहिया वाहनों की बिक्री कोरोना से पहले के दौर का 60 से 80 फीसदी तक है।
शहर के मुकाबले गैर शहरी इलाकों में दो-पहिया वाहनों की मांग बढ़ी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार की तरफ से इन जगहों पर दिए गए राहत पैकेज का भी मांग में आई बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण हो सकता है। Emkay Global Financial Services नाम की रिसर्च फर्म के मुताबिक शादी के सीजन के चलते उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में दो-पहिया वाहनों की मांग बढ़ी है।
जून 2019 से तुलना की जाए तो जून 2020 में,
- बजाज ऑटो (Bajaj Auto) की बिक्री 26 फीसदी घटी है।
- हीरो मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) की बिक्री 28 फीसदी घटी है।
- रॉयल एनफिल्ड (Royal Enfield) की बिक्री 34 फीसदी घटी है।
- टीवीएस (TVS) की बिक्री 36 फीसदी घटी है।
ऊपर दिए आंकड़ों से यह साफ है कि जून 2019 के मुकाबले जून 2020 में कंपनियों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। लेकिन अगर मई 2020 से इसकी तुलना की जाए तो बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रॉयल एनफिल्ड का कहना है कि वाहनों को लेकर की गई पूछताछ और ऑर्डर कोरोना के पहले के हालत में आ गई है। कंपनी के ऑफिशियल्स का कहना है कि अगले दो महीनों में बिजनेस 60 फीसदी तक रिकवरी कर लेगा।