फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Astrology ›   Vaastu ›   south direction house lucky

दक्षिण दिशा का घर भी तब भाग्यशाली होता है

Fri, 28 Jun 2013 07:47 AM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क
राकेश/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 28 Jun 2013 07:47 AM IST
विज्ञापन
south direction house lucky

आजकल जब कोई नया घर लेने या बनवाने की सोचता है तो उसकी एक ही तमन्ना होती है कि उसका घर वास्तु के अनुरूप हो ताकि घर में सुख-समृद्घि बनी रहे। इसलिए हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर का मुख वास्तु के अनुसार पूर्व या उत्तर दिशा में हो।

विज्ञापन


इन दोनों दिशाओं के बाद लोगों की तीसरी पसंद पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार वाला घर होता है लेकिन दक्षिण दिशा वाले मकान में लोग बसने से डरते हैं। यही कारण है कि दक्षिणमुखी मकान और जमीन को जल्दी कोई ग्राहक नहीं मिलता है।
विज्ञापन


इसका कारण यह है दक्षिण मुखी घर को लेकर ऐसी भ्रांति है कि ऐसे घर में रहने वाले व्यक्ति को कष्ट और समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे घर में रहने पर किसी की अकाल मृत्यु हो सकती है। जबकि वास्तुशास्त्री 'कुलदीप सालूजा' कहते हैं कि दक्षिण दिशा में मुख वाला घर अगर वास्तु अनुकूल बना हो तो दूसरी दिशाओं की तुलना में ऐसे घर में रहने वाले लोग बहुत ज्यादा यश और मान-सम्मान पाते हैं। ऐसे घर में रहने वाले लोगों का जीवन वैभवशाली होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


1. घर का मुख्य द्वार दक्षिण पूर्व कोने में होना चाहिए। दक्षिण पश्चिम में मुख्य द्वार बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस स्थिति में घर वास्तु के अनुरूप कभी नहीं हो सकता।

2. दक्षिण की तुलना में उत्तर दिशा में और पश्चिम की तुलना में पूर्व दिशा अधिक खुली जगह छोड़नी चाहिए।

3. किसी भी प्रकार के भूमिगत टैंक जैसे फ्रैश वाटर टैंक, बोरिंग, कुंआ, इत्यादि केवल उत्तर दिशा, उत्तर ईशान, पूर्व ईशान व पूर्व दिशा के बीच ही कम्पाउंड वॉल के साथ हो इसका ध्यान रखें। सैप्टिक टैंक उत्तर या पूर्व दिशा में ही बनाएं।
 
4. उत्तर पूर्व कोण कटा हुआ, गोल, ऊंचा नहीं होना चाहिए और नैऋत्य कोण किसी भी तरह से बढ़ा हुआ या नीचा नही होना चाहिए।

5. भवन के किसी भी हिस्से का फर्श ऊंचा नीचा नहीं होना चाहिए। यदि साफ-सफाई के लिए थोड़ी ढाल देना चाहें तो उत्तर, पूर्व दिशा या ईशान कोण की ओर ढाल दे सकते है। इसी प्रकार प्लॉट के खुले भाग की ढाल भी उत्तर, पूर्व दिशा एवं ईशान कोण की ओर ही दें ताकि बरसात का पानी ईशान कोण से होकर ही बाहर निकले।


यदि गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था उत्तर या पूर्व दिशा में न हो पा रही हो तो ऐसी स्थिति में कम्पाउंड वॉल के साथ प्लॉट के पूर्व ईशान से एक नाली बनाकर पूर्व आग्नेय की ओर बाहर निकाले या उत्तर ईशान से नाली बनाकर उत्तर वायव्य से बाहर निकाल दें।

दक्षिण दिशा वाले घर का निर्माण वास्तु के इन नियमों का पालन करके बनाया जाए तो निवासियों के लिए ऐसे घर भाग्यशाली साबित होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed