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Vastu Tips : आखिर क्यों नुकसानदायक है "पूर्व दक्षिण पूर्व" दिशा

Sun, 13 Jan 2019 02:21 PM IST
Madhukar Mishra दिनेश कुमार वोहरा, ज्योतिषाचार्य तथा वास्तु विशेषज्ञ
दिनेश कुमार वोहरा, ज्योतिषाचार्य तथा वास्तु विशेषज्ञ Published by: Madhukar Mishra Updated Sun, 13 Jan 2019 02:21 PM IST
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best Vastu Tips for ESE - East of South East
Vastu Tips
पूर्व दक्षिण पूर्व (ESE - East of South East ) यानी मंथन जोन (Churning) पूर्व और दक्षिण पूर्व दिशा के मध्य में पड़ता है। यहां बैठने या कार्य करने से चिंता, बेताबी या व्यग्रता बढ़ती है। जहां एक तरफ यहां पर नाम, विश्वसनीयता और सच का साथ मिलता है, वहीं इसके बिलकुल विपरीत झूठ और ईर्ष्या के गुण भी विकसित हो जाते हैं। किसी व्यक्ति की भोग विलास की प्रवृति भी यहां द्वार होने से पर बढ़ जाती है। निर्णय लेने की क्षमता का ह्रास होता है। विदित हो कि दिशाएं हमेशा घर या दफ्तर/ भवन के केंद्र से देखी  जाती है।
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इस दिशा जोन में अगर प्लाट बढ़ा हुआ हो या कटा हुआ हो तो बहुत व्यक्तिगत और आर्थिक हानि होने की सम्भावना रहती है। इसकी वजह से व्यक्ति ज़्यादा भावुक हो जाता है और ऐसी दशा में सही निर्णय लेने की क्षमता का ह्रास भी होता है। इस दिशा जोन में बने कमरों में दंपत्तियों को कतई नहीं सोना चाहिए वरना हर समय उनमें मतभेद होते रहेंगे तथा वाद-विवाद रहेंगे।  
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इस दिशा जोन का रंग हरा होता है तथा तत्त्व वायु। द्वार पूर्व 6 तथा पूर्व 7 यहीं इसी दिशा जोन का हिस्सा हैं। ये द्वार घर या दफ्तर के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। 2 वास्तु देवता इस दिशा जोन के स्वामी हैं। पूर्व दिशा द्वार पूर्व 6 के स्वामी सत्य नाम के देवता हैं। व्यक्ति के अंदर जो भी सत्यनिष्ठा है, सच है, नाम, विश्वसनीयता और सम्मान है वो इसी देवता के कारण होता है। लेकिन व्यक्ति यहां अधिक गुस्से वाला भी बन जाता है। दाहिनी बाजू के देवता भी सत्य ही हैं तथा कंधे की समस्या भी इस द्वार जोन में असंतुलन होने से ही होता है।
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दूसरा वास्तु देवता है भृश जो कि द्वार पूर्व 7 का का स्वामी है। ये भी अभाग्यशाली द्वार है। जिन घरों में ये द्वार होता है, वहां के वासी झूठ बहुत बोलते हैं, चिंतित और व्यग्र रहते हैं तथा सोचते बहुत ज़्यादा हैं पर उसका कोई परिणाम नहीं निकलता है। इस द्वार को मंथन और चिंता का द्वार भी कहा जाता है। व्यक्ति का दांया हाथ इसी देवता के द्वारा संचालित होता है।  जीवन में बुरे व्यक्तिगत और व्यावसायिक प्रदर्शन, टकराव तथा दक्षता की क्षमता इस द्वार जोन से नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं।  

इस दिशा जोन से सम्बंधित वास्तु टिप्स: 

1. पूर्व 6 द्वार विश्वसनीयता और सत्यनिष्ठा देता है। 
2. दर्पण यहाँ नहीं लगाना चाहिए। इस से हानि होने की सम्भावना रहती है। 
3. यहां द्वार परिवार के सदस्यों में ईर्ष्या पैदा करता है। 
4. यहां वाशिंग मशीन रखना अच्छा रहता है। 
5. मिक्सर को भी यहां रखना लाभदायक रहता है।  
6. पूर्व 7 द्वार दम्भ की भावना देता है।
7. यहाँ पर सोने का कमरा होने से सेक्स के प्रति रुझान बढ़ता है तथा व्यक्ती किसी नशे की और आकर्षित हो सकता है।
8. कामधेनु गाय की मूर्ति यहाँ रखने से धन आता है।
9. खरगोश के जोड़े की मूर्ति भी यहाँ पर बहुत फायदा देती है तथा चिंता कम करती है।
10. दम्पतियों को यहाँ बने कमरे में नहीं सोना चाहिए इस से वाद विवाद बढ़ते हैं।
11. यहाँ बने कमरों को हलके क्रीम और हरे रंग से पेंट करना चाहिए।
12. इस दिशा जोन में कभी भी काम करने की मेज़ कुर्सी नहीं रखनी चाहिए। 
13. यहाँ पर शौचालय, जूतों का कैबिनेट तथा स्टोर अच्छा माना जाता है।  

नोट: इस दिशा जोन से लाल और पीले रंग की वस्तुएं हटा लेनी चाहिए इस से अच्छे परिणाम मिलेंगे  
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