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Shani Sadhe Sati: इन राशियों पर चल रही शनि की साढे़साती, 2023 में इन पर शुरू होगी और इनको मिलेगी मुक्ति
Wed, 16 Nov 2022 01:40 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 16 Nov 2022 01:40 PM IST
सार
17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे मिथुन और तुला राशि के जातकों से ढैया खत्म हो जायेगी और कर्क राशि और वृश्चिक राशि के जातकों की ढैया शुरू हो जाएगी।
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shani dev: शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है। शनिदेव को एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लगता है।
- फोटो : istock
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विस्तार
Shani Sadhe Sati: शनि ग्रह की सात वर्ष की महादशा को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। शनि ग्रह की साढ़ेसाती बहुत ही कष्टकारी मानी जाती है। साढ़ेसाती होने पर व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां और कष्ट झेलने पड़ते हैं। हर एक व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जरूर आती है। शनि को न्याय और कर्म के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना गया है। जो जातक अपने जीवन में हमेशा न्याय का साथ देते हैं और अच्छे कर्म करते है उनकी कुंडली में शनि का साढ़ेसाती का प्रभाव होने के बावजूद शनि देव उन्हें ज्यादा कष्ट नहीं देते हैं। शनि का नाम आते ही लोग घबराने लगते हैं।
इन राशियों पर जारी है शनि की साढ़ेसाती
साल 2022 में शनि मकर राशि में गोचर हैं। शनि एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि की मंद गति के कारण इनका प्रभाव काई वर्षों तक रहता है। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। धनु राशि के जातकों पर शनि का साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है फिर अगले साल यानी 2023 में इन्हें इससे मुक्ति मिल जाएगी। कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है जबकि मकर राशि पर पहला चरण है। अगले वर्ष शनि जब कुंभ से मीन राशि में आएंगे तब मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा।
साल 2023 में इन राशियों पर साढ़ेसाती
17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे मिथुन और तुला राशि के जातकों से ढैया खत्म हो जायेगी और कर्क राशि और वृश्चिक राशि के जातकों की ढैया शुरू हो जाएगी। वही धनु राशि के जातक शनि के साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति हो जाएंगे। मकर,कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगा।
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साढे़साती के तीन चरण
किसी भी राशि पर शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में चलती है। पहला,दूसरा और तीसरा चरण। दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्ट कारी माना जाता गया है। इस चरण में व्यक्ति को असफलताएं, बीमारियां और दु्र्भाग्य का साया रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण आर्थिक,दूसरा पारिवारिक और तीसरा चरण में सबसे ज्यादा सेहत पर पड़ता है।
साढ़ेसाती से मुक्ति के उपाय
शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने या खत्म करने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है। शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित होता है। शनिवार के दिन शनिदेव के दर्शन और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए शनि देव से संबंधित तेल, काला कपड़ा, काली उड़द और काले कंबल का दान करना चाहिए।
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इन राशियों पर जारी है शनि की साढ़ेसाती
साल 2022 में शनि मकर राशि में गोचर हैं। शनि एक से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि की मंद गति के कारण इनका प्रभाव काई वर्षों तक रहता है। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। इस समय धनु, मकर और कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। धनु राशि के जातकों पर शनि का साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है फिर अगले साल यानी 2023 में इन्हें इससे मुक्ति मिल जाएगी। कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है जबकि मकर राशि पर पहला चरण है। अगले वर्ष शनि जब कुंभ से मीन राशि में आएंगे तब मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा।
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साल 2023 में इन राशियों पर साढ़ेसाती
17 जनवरी 2023 को शनि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे मिथुन और तुला राशि के जातकों से ढैया खत्म हो जायेगी और कर्क राशि और वृश्चिक राशि के जातकों की ढैया शुरू हो जाएगी। वही धनु राशि के जातक शनि के साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति हो जाएंगे। मकर,कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती जारी रहेगा।
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साढे़साती के तीन चरण
किसी भी राशि पर शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में चलती है। पहला,दूसरा और तीसरा चरण। दूसरा चरण सबसे ज्यादा कष्ट कारी माना जाता गया है। इस चरण में व्यक्ति को असफलताएं, बीमारियां और दु्र्भाग्य का साया रहता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण आर्थिक,दूसरा पारिवारिक और तीसरा चरण में सबसे ज्यादा सेहत पर पड़ता है।
साढ़ेसाती से मुक्ति के उपाय
शनि साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने या खत्म करने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है। शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित होता है। शनिवार के दिन शनिदेव के दर्शन और हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए शनि देव से संबंधित तेल, काला कपड़ा, काली उड़द और काले कंबल का दान करना चाहिए।
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