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ज्योतिष शास्त्र: जानिए राशि के तत्व, स्वभाव और लिंग के अनुसार गुण और प्रकार

Jai Govind Shastri प. जयगोविंद शास्त्री
Updated Wed, 18 Sep 2024 09:42 AM IST
सार

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर एक राशि में किसी खास तत्व की प्रधानता रहती है। तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों को चार वर्गों में बांटा गया है। वहीं स्वभाव के आधार पर सभी 12 राशियों को तीन प्रकार से और लिंग के आधार पर पुरुष और स्त्री राशियों में विभाजित किया गया है।

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Zodiac Signs - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्योतिष शास्त्र की पाठशाला में आपका स्वागत है। आज हम सभी 12 राशियों के तत्वों, स्वभाव और लिंग के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर एक राशि में किसी खास तत्व की प्रधानता रहती है। तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों को चार वर्गों में बांटा गया है। वहीं स्वभाव के आधार पर सभी 12 राशियों को तीन प्रकार से और लिंग के आधार पर पुरुष और स्त्री राशियों में विभाजित किया गया है। आइए इन्हीं का विश्लेषण करते हैं। 
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तत्वों के आधार पर राशियां

वैदिक ज्योतिष में अलग-अलग तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों 4 भागों में बांटा गया है। ये चार भाग इस प्रकार है- जल तत्व की राशि, अग्नि तत्व की राशि, वायु तत्व की राशि और पृथ्वी तत्व की राशि। 
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जल तत्व की राशियां

कर्क(4), वृश्चिक(8) और मीन(12) राशियां जल तत्व की राशियां होती है। 

अग्नि तत्व की राशियां

मेष(1), सिंह (5) और धनु (9) राशियां अग्नि तत्व की राशियां होती है। 

वायु तत्व की राशियां

मिथुन(3), तुला(7) और कुंभ(11) राशियां वायु तत्व की श्रेणी में आती हैं।

पृथ्वी तत्व की राशियां

वृषभ (2),कन्या (6) और मकर (10) राशियां पृथ्वी तत्व की राशि होती है।

चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियां

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी 12 राशियों को उनके स्वभाव और प्रकृति के अनुसार तीन भागों में बांटा गया है। चर का मतलब एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करना, स्थिर का मतलब एक ही जगह पर होना और द्विस्वभाव को मतलब होता है भ्रमणशील और स्थिर दोनों ही स्वभाव। 
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चर राशियां

मेष (1), कर्क (4), तुला (7) और मकर (10) राशियां चर राशियां कहलाती हैं। ये चर राशियां व्यक्ति के जीवन में अस्थिरता को दर्शाती हैं। इस राशि के लोग स्वभाव से चंचल होते हैं।

स्थिर राशियां

वृषभ (2), सिंह(5), वृश्चिक (8) और कुंभ (11) राशियां स्थिर राशियां कहलाती हैं। स्थिर राशियां अपने स्वभाव के कारण एक ही स्थान पर स्थिर रहती हैं।

द्विस्वभाव राशियां

मिथुन(3), कन्या(6), धनु (9) और मीन (12) राशियां द्विस्वभाव की राशियां कहलाती हैं। इनमें चर और स्थिर दोनों ही राशियों के गुण मौजूद रहते हैं। 

लिंग के आधार पर राशियां

लिंग के आधार पर सभी 12 राशियों को दो राशियों में बांटा गया है। पुरुष और स्त्री राशियां।

पुरुष लिंग की राशियां

मेष (1), मिथुन(3), सिंह(5), तुला(7), धनु(9) और कुंभ(11)

स्त्री लिंग की राशियां

वृषभ (2), कर्क (4), कन्या (6), वृश्चिक (8), मकर (10) और मीन (12)
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