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ज्योतिष शास्त्र: जानिए राशि के तत्व, स्वभाव और लिंग के अनुसार गुण और प्रकार
सार
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर एक राशि में किसी खास तत्व की प्रधानता रहती है। तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों को चार वर्गों में बांटा गया है। वहीं स्वभाव के आधार पर सभी 12 राशियों को तीन प्रकार से और लिंग के आधार पर पुरुष और स्त्री राशियों में विभाजित किया गया है।
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Zodiac Signs
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्योतिष शास्त्र की पाठशाला में आपका स्वागत है। आज हम सभी 12 राशियों के तत्वों, स्वभाव और लिंग के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर एक राशि में किसी खास तत्व की प्रधानता रहती है। तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों को चार वर्गों में बांटा गया है। वहीं स्वभाव के आधार पर सभी 12 राशियों को तीन प्रकार से और लिंग के आधार पर पुरुष और स्त्री राशियों में विभाजित किया गया है। आइए इन्हीं का विश्लेषण करते हैं।
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तत्वों के आधार पर राशियां
वैदिक ज्योतिष में अलग-अलग तत्वों के आधार पर सभी 12 राशियों 4 भागों में बांटा गया है। ये चार भाग इस प्रकार है- जल तत्व की राशि, अग्नि तत्व की राशि, वायु तत्व की राशि और पृथ्वी तत्व की राशि।
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जल तत्व की राशियां
कर्क(4), वृश्चिक(8) और मीन(12) राशियां जल तत्व की राशियां होती है।अग्नि तत्व की राशियां
मेष(1), सिंह (5) और धनु (9) राशियां अग्नि तत्व की राशियां होती है।वायु तत्व की राशियां
मिथुन(3), तुला(7) और कुंभ(11) राशियां वायु तत्व की श्रेणी में आती हैं।पृथ्वी तत्व की राशियां
वृषभ (2),कन्या (6) और मकर (10) राशियां पृथ्वी तत्व की राशि होती है।चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियां
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी 12 राशियों को उनके स्वभाव और प्रकृति के अनुसार तीन भागों में बांटा गया है। चर का मतलब एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करना, स्थिर का मतलब एक ही जगह पर होना और द्विस्वभाव को मतलब होता है भ्रमणशील और स्थिर दोनों ही स्वभाव।
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