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सूर्यग्रहण 2018: क्या होता है सूतक, ग्रहण में रखें इन बातों का ख्याल
ज्योतिष डेस्क,अमर उजाला
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:59 PM IST
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हिन्दू शास्त्र में सूतक को अशुभ मुहूर्त माना गया है। सूतक लगने पर किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं किया जा सकता। सूतक का संबंध सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण से होता है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के 12 घंटे मे पहले ही सूतक का समय शुरू हो जाता है और फिर यह मोक्ष काल के बाद पवित्र होने के बाद समाप्त होता है। सूर्यग्रहण के समय सूतक लगने के कारण सभी मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए जाते है। इस समय में कोई भी उपासना या भगवान के दर्शन नहीं किए जाते हैं।
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ग्रहणकाल में क्या करें और क्या ना करें
- ग्रहण के शुरू होने से लेकर समाप्ति तक के बीच का समय में जप, पूजा, हवन और ध्यान करना कल्याणकारी होता है।
- ग्रहणकाल में किसी भी देवी-देवता का मूर्ति को छूना नहीं चाहिए। सूतक समय के बाद खुद स्नान कर भगवान को भी स्नान करवाना चाहिए और घर के कोने में गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए।
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- देवी-देवताओं की मूर्ति के अलावा ग्रहण में किसी पौधे की पत्तियों को नहीं छूना चाहिए।
-एक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में सब्जी काटना, सूई धागा से काम करने से जन्म लेने वाले शिशु में शारीरिक दोष होनेकी संभावना ज्यादा रहती है।
-ग्रहण काल में अपने इष्ट देव, मंत्र, गुरु मंत्र, गायत्री मंत्र आदि का जप दीपक जला कर करना चाहिए।