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Independence Day 2018 :चुनावी साल में सत्ता परिवर्तन को लेकर टैरो कार्ड्स से मिले बड़े संकेत
सोनल वर्मा, टैरो कार्ड रीडर
Updated Wed, 15 Aug 2018 08:07 AM IST
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sonal verma, tarot card reader
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टैरो भविष्य बताने का एक सुंदर प्रारूप है। जिसमें हर सवाल का जवाब टेरो कार्ड्स देते हैं। टैरो डेक के 78 कार्ड्स के जरिए ही आम जीवन से लेकर देश-दुनिया से जुड़े सवालों के जवाब ढूढ़े जाते हैं। प्रत्येक कार्ड अपने भीतर एक गहरा अर्थ लिए हुए होता है। इन कार्ड्स में शक्तिशाली शक्तियां मौजूद होती हैं, जिनसे मिलने वाले संकेतों के आधार पर प्रश्नों के जवाब दिए जाते हैं। ऐसे में भारत के भविष्य को लेकर क्या संकेत दे रहे हैं टैरो कार्ड, बता रही हैं जानी-मानी टैरो कार्ड रीडर सोनल वर्मा-
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कायम रहेगा सबसे बड़ा सवाल
भारत का रूलिंग स्टार शनि है। शनि का न्याय देवता है। टैरो में जो जस्टिस का कार्ड है, वह स्ट्रेंथ के कार्ड के साथ ट्रांसफर हो जाता है। जस्टिस और स्ट्रेंथ दो ऐसे शब्द हैं जिनके नहीं होने के कारण अक्सर हमें परेशानियों से दो चार होना पड़ता है। यही कारण है कि हम अक्सर छोटे-छोटे मुद्दों में उलझकर रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में हमें देश के भीतर और बाहर सकारात्मक बदलाव के जरिए दमखम दिखाना होगा। देश के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाओं और न्याय पहुंचाने का सवाल कायम रहेगा।
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आर्थिक सुधार के लिए करना पड़ेगा इंतजार
ईसा पीर न मूसा पीर, सबसे बड़ा पैसा पीर गाने की तर्ज पर यदि हम अर्थ जगत की बात करें तो जिस तरह लोगों ने सत्ता परिवर्तन के बाद इसमें बड़े सुधार की उम्मीद लगाई थी और उसके लिए लोग मेहनत भी खूब कर रहे थे, उसमें अपेक्षाकृत सुधार नहीं होने पर एक समय बाद अवसाद की स्थिति आ सकती है। लेकिन यह लंबे अंतराल तक कायम नहीं बनी रहेगी। दो साल बाद आर्थिक तौर पर उम्मीद से ज्यादा प्रगति देखने को मिलेगी।
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पड़ोसियों से सामान्य रहेंगे संबंध
पड़ोसी मुल्कों के साथ संबंधों में कोई खास बदलाव होता नजर नहीं आ रहा है। तमाम कोशिशों के बाद पारस्परिक संबंधों में प्रगाढ़ता होती नहीं दिख रही है।
नहीं होगा सत्ता परिवर्तन
चुनाव से पहले देश में तमाम तरह की राजनीतिक उठापटक देखने को मिलेगी। ऐसे में सियासत की नब्ज को टटोलना न तो नेताओं और न ही मीडिया के बस की बात होगी। चुनावी जंग में कौन किसके साथ जाएगा और कौन किसके साथ बना रहेगा, इसका आंकलन लगाना कठिन होगा। तमाम तरह की कवायद के बावजूद केंद्र में सत्ता परिवर्तन होता नजर नहीं आ रहा है, हालांकि इसका निर्णय भी अंतिम समय जाकर होगा। इसमें मून रूल कर रहा है।
व्यवस्थागत खामियां होंगी उजागर
देश के भीतर प्राकृतिक आपदा और छुटपुट हिंसा के संकेत साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन बहुत ज्यादा इनका असर देश पर नहीं पड़ेगा। प्रशासनिक व्यवस्थाओं में बहुत बड़ी गड़बड़ी उजागर होने के संकेत है, जिसके चलते आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। व्यवस्थागत लापरवाहियों के चलते आमजन को समस्याओं से दो चार होना पड़ेगा।
बड़े बदलाव की ओर बॉलीवुड
बॉलीवुड का गोल्डन टाइम चल रहा है। नई पीढ़ी तेजी से अपने पैर जमा रही है और उसका फायदा भी बॉलीवुड को लगातार हो रहा है। आने वाले समय में थोड़े बहुत उतार—चढ़ाव के साथ इंडस्ट्री लगातार प्रगति करती रहेगी।
जारी रहेगा महिलाओं का संघर्ष
पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं द्वारा खुद के हक के लिए किया जा रहा संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले एक साल में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव होता नजर नहीं आ रहा है।