पृथ्वी पर जन्म लेते ही व्यक्ति ग्रहों से जुड़ जाता है। किसी भी व्यक्ति के प्रारब्ध को निरुपित करने वाले सौर मंडल के नौ ग्रह हैं। जिनका शुभ-अशुभ प्रभाव उस पर पड़ता है। ग्रहों की शुभता पाने और उनसे जुड़े दोष को दूर करने के लिए व्रत एवं जाप का प्रभाव पड़ता है। आइए जानते हैं कि 9 ग्रहों से जुड़े किन व्रत एवं जप को करके चमत्कारिक लाभ पाया जा सकता है —
आस्था ही नहीं ग्रहों से भी जुड़ें हैं व्रत, करते ही चमक जाएगी किस्मत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूर्य देवता का व्रत –
भगवान भास्कर की शुभ ऊर्जा को पाने के लिए १२ रविवार, ३० रविवार, या एक वर्ष तक व्रत रखा जा सकता है। व्रत के दिन स्नान—ध्यान के प्रश्चात तांबे की लोटे में शुद्ध जल, लाल रोली या चंदन, अक्षत, लाल पुष्प आदि डालकर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र बोलते हुए अघ्र्य दें। साथ ही इस मंत्र का कम से कम ३ माला जप अवश्य करें। इस व्रत के प्रभाव से शुभ फल में वृद्धि, आरोग्य, शत्रु शमन तथा तेज प्राप्त होता है।
चंद्र देवता का व्रत –
मनुष्य के मन के अधिपति चंद्र देवता की कृपा पाने के लिए कम से कम १, १६ या ५४ सोमवार व्रत रहना चाहिए। इस दिन स्नान—ध्यान के पश्चात् ‘ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः’ का न्यूनतम ३, ५ या ११ माला पाठ सफेद वस्त्र पहन कर करें। भोजन में नमक का प्रयोग न करें।
मंगल देवता व्रत –
साहस और आत्मविश्वास के कारक मंगल देवता की कृपा पाने के लिए मंगलवार का व्रत नियम संयमपूर्वक रहना चाहिए। यह व्रत न्यूनतम २१ या ४५ मंगलवार रहना चाहिए तथा नियमपूर्वक ‘ॐ अं अंगारकाय नमः’ का ३, ५ या ७ माला जाप करना चाहिए। इस व्रत में भी नमक का प्रयोग न करें। मंगल देव के इस व्रत से कर्ज से मुक्ति और संतान का सुख प्राप्त होता है।
बुध देव का व्रत –
विद्या, धन और समृद्धि पाने के लिए १७, २१ या ४५ बुधवार व्रत रखना चाहिए। व्रत के दिन हरे कपड़े पहनें और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का पाठ ३, ५ या १७ माला करना चाहिए। भोजन में मूंग से बनी वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। बातचीत या विद्या से कार्य करने वालों के लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी होता है।