{"_id":"5cff8ae6bdec220779076d8c","slug":"choose-your-career-according-to-kundali-with-help-of-astrology","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंडली गणना और राशि अनुसार जानें करियर के क्षेत्र में मिलेगी सफलता","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
कुंडली गणना और राशि अनुसार जानें करियर के क्षेत्र में मिलेगी सफलता
Tue, 11 Jun 2019 04:36 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 11 Jun 2019 04:36 PM IST
विज्ञापन
ज्योतिष का करियर से संबंध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्तमान समय में करियर बनाने और उसे संवारने के लिए तमाम तरह की योजानाएं पहले से ही तैयार कर ली जाती हैं। बच्चे के जन्म लेते ही माता-पिता को उसके करियर की दिशा को लेकर चिंता होने लगती हैं। करियर में सफलता की कामना करते हुए हर शख्स दिन-रात मेहनत भी करता है। कठिन मेहनत करने के बाद भी कई बार कई लोगों को सफलता नहीं मिल पाती। कई बार उच्च शिक्षित युवा भी करियर के लिए परेशान होते हैं।
ज्योतिषशास्त्र के पास करियर का सटीक जवाब मौजूद है बस आवश्यकता है उसे खंगालने की। राशि, ग्रह- नक्षत्र, लग्न , भावों की अवस्था, नवमांश चक्र, चन्द्रमा की स्थिति आदि के आधार पर व्यक्ति के व्यवसाय और नौकरी की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है। नौकरी और व्यवसाय के लिए कुण्डली के प्रथम, पंचम, चतुर्थ और दशम भाव का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कुंडली के लग्न से आपके लिए कौन सा करिअर बेहतर रहेगा।
मेष
मेष लग्न के जातकों को जमीन से जुड़े कार्य जैसे -प्रॉपर्टी, ठेकेदारी, खेलकूद आदि से संबंधित कार्यक्षेत्र से जुड़ने में जरूर सफलता मिलती है। लेकिन ध्यान रहे, यदि मंगल दुर्बल हो तथा शनि मजबूत अवस्था में हो, तो स्टील, लौहे से जुड़े, खेती तथा सर्जरी आदि से जुड़े औजार आदि का बिजनेस फायदेमंद रहता है। साथ ही साथ इस लग्न से जुड़े लोगों की कुंडली के दसवें भाव में या शनि बृहस्पति से दृष्ट हो जाय तो कोचिंग सेंटर, ज्वैलरी, शेयर बाजार आदि का व्यापार बड़ा ही उपयोगी सिद्ध होता है।
विज्ञापन
वृष
इस लग्न का स्वामी ग्रह शुक्र होता है। ऐसे जातकों को लोहे से जुड़े समान का बिजनेस बड़ा ही शुभ होता है। इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट, केमिकल, कृषि आदि से जुड़े क्षेत्र में नौकरी करना लाभकारी साबित होता है।
मिथुन
इस लग्न के स्वामी बुध देवता हैं। ऐसे जातक बार-बार अपना कामधंधा बदलते रहते हैं लेकिन यदि आपके जन्मांग में बृहस्पति मजबूत हों तो आप पत्रकारिता, ब्रोकर, वकील, ऐक्टिंग, सलाहकार आदि का काम कर सकते हैं। यदि बुध ताकतवर हो तो आप मैथ के टीचर, होटल, तकनीक आदि के क्षेत्र में भी सफल हो सकते हैं।
कर्क
इस लग्न का स्वामी चंद्रमा है। इस लग्न से जुड़े जातक राजनीति, समाजसेवा, अध्यापन, इंपोर्ट-एक्स्पोर्ट के क्षेत्र में तरक्की पा सकते हैं। यदि कर्क लग्न के जातक के जन्मांग में बृहस्पति बली होकर चंद्रमा से दृष्टि हो, तो ऐसे जातक सोने-चांदी का काम, पौधों की नर्सरी, दवा आदि का व्यापार कर सकते हैं।
सिंह
यदि जातक की कुंडली के जन्मांग में शुक्र बलवान हो तो उसे अभिनय, संगीत, सुगंधित चीजें, मेकअप, काव्य आदि के क्षेत्र में काम करना चाहिए। लेकिन यदि जातक के जन्मांग में सूर्य बली हो तो खेल का सामान, इलेक्ट्रानिक्स, ठेकेदारी, कपड़े का कारोबार, सोलर ऊर्जा आदि का बिजनेस फल सकता है।
कन्या
इस लग्न में कार्यक्षेत्र का स्वामी बुध होता है। यदि जन्मांग में बुध बली हो तो शेयर बाजार, प्रकाशन, कमीशन, स्कूल, धार्मिक कार्य, अस्पताल आदि से जुड़ा कार्य सफलता दिलाता है।
तुला
इस लग्न के कार्यक्षेत्र का स्वामी चंद्रमा होता है। यदि चंद्रमा के साथ शनि भी बली जो जाय तो इस लग्न के जातक राजनीति तथा प्रशासन में अच्छी सफलता पाते हैं। यदि इस लग्न के द्वितीय भाव को चंद्रमा प्रभावित करे तो ऐसे जातक मनोरंजन के क्षेत्र जैसे काव्य, संगीत, कार्टून आदि के क्षेत्र में तरक्की कर सकते हैं।
वृश्चिक
इस लग्न का स्वामी मंगल है। इस लग्न के जातक राजनीति में एक जनप्रिय नेता के रूप में भी सफलता मिल सकती है। यदि जन्मांग में गुरु बली हो तो गारमेंट्स, कम्युनिकेशन, दूध, तेल आदि के व्यापार में खासे कामयाब हो सकते हैं।
धनु
इस लग्न के जातक दशमेश बुध की कृपा पाकर एक अच्छे इंजीनियरिंग, ज्योतिष, सलाहकार, शेयर ब्रोकर, राजनेता आदि बन सकते हैं। धनु लग्न के जातक का यदि जन्मांग में शनि बलवान हो, तो ऐसे तमाम स्रोतों से धन कमाता है।
मकर
यदि जन्मांग में शुक्र बली हो तो इस लग्न के जातक के लिए खान-पान, होटल, टूरिज्म, शराब, चाय आदि का कामधंधा खूब फलता है। यदि शनि बली हो तो जातक को लोहे के ब्यापार तथा विदेश के व्यापार में खूब सफलता मिलती है।
कुंभ
इस लग्न का स्वामी भी शनि होता है। इस लग्न के जातक को बिजनेस शुरु करने से पहले देख लेना चाहिए कि जन्मांग में शनि मजबूत है कि नहीं। यदि जन्मांग में शनि मजबूत हो तो जातक को स्टील, लौह, खनिज, रसायन आदि के व्यापार में खूब तरक्की मिलती है। ऐसे जातक धर्म-अध्यात्म के क्षेत्र में भी सफलता पा सकते हैं।
मीन
मीन लग्न का स्वामी ग्रह गुरु होता है। यदि जन्मांग में गुरु बली हो, तो जातक के लिए ठेकेदारी, रियल स्टेट, शिक्षण संस्थान, लेखन, पत्रकारिता आदि का कार्य सफलता दिलाता है। इस लग्न के जातक के लिए प्रकाशन, प्रिंटिंग प्रेस, पत्र-पत्रिका, टी.वी. चैनल आदि से जुड़े कार्य में खासी सफलता मिलती है।
विज्ञापन
ज्योतिषशास्त्र के पास करियर का सटीक जवाब मौजूद है बस आवश्यकता है उसे खंगालने की। राशि, ग्रह- नक्षत्र, लग्न , भावों की अवस्था, नवमांश चक्र, चन्द्रमा की स्थिति आदि के आधार पर व्यक्ति के व्यवसाय और नौकरी की सटीक भविष्यवाणी की जा सकती है। नौकरी और व्यवसाय के लिए कुण्डली के प्रथम, पंचम, चतुर्थ और दशम भाव का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं कुंडली के लग्न से आपके लिए कौन सा करिअर बेहतर रहेगा।
विज्ञापन
मेष
मेष लग्न के जातकों को जमीन से जुड़े कार्य जैसे -प्रॉपर्टी, ठेकेदारी, खेलकूद आदि से संबंधित कार्यक्षेत्र से जुड़ने में जरूर सफलता मिलती है। लेकिन ध्यान रहे, यदि मंगल दुर्बल हो तथा शनि मजबूत अवस्था में हो, तो स्टील, लौहे से जुड़े, खेती तथा सर्जरी आदि से जुड़े औजार आदि का बिजनेस फायदेमंद रहता है। साथ ही साथ इस लग्न से जुड़े लोगों की कुंडली के दसवें भाव में या शनि बृहस्पति से दृष्ट हो जाय तो कोचिंग सेंटर, ज्वैलरी, शेयर बाजार आदि का व्यापार बड़ा ही उपयोगी सिद्ध होता है।
विज्ञापन
वृष
इस लग्न का स्वामी ग्रह शुक्र होता है। ऐसे जातकों को लोहे से जुड़े समान का बिजनेस बड़ा ही शुभ होता है। इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट, केमिकल, कृषि आदि से जुड़े क्षेत्र में नौकरी करना लाभकारी साबित होता है।
मिथुन
इस लग्न के स्वामी बुध देवता हैं। ऐसे जातक बार-बार अपना कामधंधा बदलते रहते हैं लेकिन यदि आपके जन्मांग में बृहस्पति मजबूत हों तो आप पत्रकारिता, ब्रोकर, वकील, ऐक्टिंग, सलाहकार आदि का काम कर सकते हैं। यदि बुध ताकतवर हो तो आप मैथ के टीचर, होटल, तकनीक आदि के क्षेत्र में भी सफल हो सकते हैं।
कर्क
इस लग्न का स्वामी चंद्रमा है। इस लग्न से जुड़े जातक राजनीति, समाजसेवा, अध्यापन, इंपोर्ट-एक्स्पोर्ट के क्षेत्र में तरक्की पा सकते हैं। यदि कर्क लग्न के जातक के जन्मांग में बृहस्पति बली होकर चंद्रमा से दृष्टि हो, तो ऐसे जातक सोने-चांदी का काम, पौधों की नर्सरी, दवा आदि का व्यापार कर सकते हैं।
सिंह
यदि जातक की कुंडली के जन्मांग में शुक्र बलवान हो तो उसे अभिनय, संगीत, सुगंधित चीजें, मेकअप, काव्य आदि के क्षेत्र में काम करना चाहिए। लेकिन यदि जातक के जन्मांग में सूर्य बली हो तो खेल का सामान, इलेक्ट्रानिक्स, ठेकेदारी, कपड़े का कारोबार, सोलर ऊर्जा आदि का बिजनेस फल सकता है।
कन्या
इस लग्न में कार्यक्षेत्र का स्वामी बुध होता है। यदि जन्मांग में बुध बली हो तो शेयर बाजार, प्रकाशन, कमीशन, स्कूल, धार्मिक कार्य, अस्पताल आदि से जुड़ा कार्य सफलता दिलाता है।
तुला
इस लग्न के कार्यक्षेत्र का स्वामी चंद्रमा होता है। यदि चंद्रमा के साथ शनि भी बली जो जाय तो इस लग्न के जातक राजनीति तथा प्रशासन में अच्छी सफलता पाते हैं। यदि इस लग्न के द्वितीय भाव को चंद्रमा प्रभावित करे तो ऐसे जातक मनोरंजन के क्षेत्र जैसे काव्य, संगीत, कार्टून आदि के क्षेत्र में तरक्की कर सकते हैं।
वृश्चिक
इस लग्न का स्वामी मंगल है। इस लग्न के जातक राजनीति में एक जनप्रिय नेता के रूप में भी सफलता मिल सकती है। यदि जन्मांग में गुरु बली हो तो गारमेंट्स, कम्युनिकेशन, दूध, तेल आदि के व्यापार में खासे कामयाब हो सकते हैं।
धनु
इस लग्न के जातक दशमेश बुध की कृपा पाकर एक अच्छे इंजीनियरिंग, ज्योतिष, सलाहकार, शेयर ब्रोकर, राजनेता आदि बन सकते हैं। धनु लग्न के जातक का यदि जन्मांग में शनि बलवान हो, तो ऐसे तमाम स्रोतों से धन कमाता है।
मकर
यदि जन्मांग में शुक्र बली हो तो इस लग्न के जातक के लिए खान-पान, होटल, टूरिज्म, शराब, चाय आदि का कामधंधा खूब फलता है। यदि शनि बली हो तो जातक को लोहे के ब्यापार तथा विदेश के व्यापार में खूब सफलता मिलती है।
कुंभ
इस लग्न का स्वामी भी शनि होता है। इस लग्न के जातक को बिजनेस शुरु करने से पहले देख लेना चाहिए कि जन्मांग में शनि मजबूत है कि नहीं। यदि जन्मांग में शनि मजबूत हो तो जातक को स्टील, लौह, खनिज, रसायन आदि के व्यापार में खूब तरक्की मिलती है। ऐसे जातक धर्म-अध्यात्म के क्षेत्र में भी सफलता पा सकते हैं।
मीन
मीन लग्न का स्वामी ग्रह गुरु होता है। यदि जन्मांग में गुरु बली हो, तो जातक के लिए ठेकेदारी, रियल स्टेट, शिक्षण संस्थान, लेखन, पत्रकारिता आदि का कार्य सफलता दिलाता है। इस लग्न के जातक के लिए प्रकाशन, प्रिंटिंग प्रेस, पत्र-पत्रिका, टी.वी. चैनल आदि से जुड़े कार्य में खासी सफलता मिलती है।