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Astrology Predictions: जानें अपने हर सवाल का सटीक जवाब, हर समस्या का मिलेगा उपाय
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ज्योतिषशास्त्र से जुड़े सवाल और इनके जवाब
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वैदिक साहित्य भारतीयों की अमूल्य निधि है। यह जितना व्यापक है, उतना ही हमारे जीवन में व्यवहारिक भी है। वेद भारतीय संस्कृति के मूल स्रोत हैं। ज्योतिष शास्त्र में सिद्धांत, संहिता और होरा के आधार पर सृष्टि में होने वाले परिवर्तनों को जाना जा सकता है। प्राचीनकाल से ही प्राणिमात्र ज्योतिषशास्त्र के आधार पर जातक की कुंडली से माता-पिता की आयु, संतान सुख, विद्या, नौकरी, व्यवसाय, आय, भाग्योदय, धन प्राप्ति, राजनीतिक क्षेत्र में सफलता, रोग की संभावना आदि विषयों को जाना जा सकता है।
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क्या मुझे शनि की साढ़सती है? इसका निवारण भी बताएं। -डॉ. गिरिराज, नाहन
नाम के आधार पर आपकी मक्र राशि है, जिस पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि ग्रह एक राशि में ढाई वर्ष तक रहता है। जिन जातकों की राशि वृश्चिक है, उनके लिए साढ़ेसाती पैरों में है। धनु वालों के लिए गर्भ, मकर वालों के लिए सिर पर है। कन्या और वृष राशि वालों के लिए शनि की ढैय्या है। इससे शरीर पीड़ा, पारिवारिक कष्ट, व्यापार में हानि और धन के व्यय की अधिकता बनी रहती है। शनिवार के दिन सात अनाज का दान करना चाहिए। शनि मंत्र का जाप ओम प्रां प्रीं, प्रौं स: शनये नम: करें। तुलादान भी हितकर होगा।
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मेरा जन्म 25 मई 1976 को प्रात: 10 बजकर 50 मिनट पर सायं मंगलौर में हुआ। आजकल कौन सी दशा चल रही है। -तनिष्क, चंबा
आपका जन्म मकर लग्न और मेष राशि में हुआ है। मंगल की महादशा 19 मार्च 2017 से 19 मार्च 2024 तक रहेगी। आजकल मंगल महादशा में राहू अंतर 14 सितंबर 2018 तक रहेगा। मंगल सप्तम भाव में नीचस्थ है, जिसके कारण पारिवारिक पक्ष से समस्याओं का सामना करना पड़ता है। व्यापार में भी उतार-चढ़ाव आएंगे। राहू दशम भाव में मित्र श्रेत्री है, इसलिए राजपक्ष से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। हनुमान चालीसा का पाठ करते रहा करें। बगलामुखी का पाठ करवाने पर कारोबार में वृद्धि होगी।
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मांगलिक दोष क्या होता है? उसका निवारण कैसे करें। -आशीष, धर्मशाला
जन्म कुंडली में जब लग्न से अथवा चंद्रमा से मंगल लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में होता है तो मांगलिक योग होता है। यदि पापी ग्रह शनि, राहू, केतु हो तो भी दो युक्त होता है। ऐसी कन्या अथवा बालक को वैवाहिक जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। दोनों में एक की भी कुंडली में ऐसा योग हो तो विवाह नहीं करना चाहिए। निवारण के लिए घट विवाह, विष्णु प्रतिमा पूजा और अथर्ववेद के किरणों द्वौ तावा पिनष्टिपुरुष: मंत्रों का जाप किया जा सकता है।
- डॉ. मस्त राम शर्मा, ज्योतिषाचार्य एवं व्याकरणाचार्य
पता: आचार्य निवास मज्याठ टूटू शिमला हिमाचल
‘बोले तारे’ के लिए समस्या लिखते समय जन्म तिथि और जन्म स्थान अवश्य लिखें। जन्मपत्री की फोटो प्रति भी भेजें।
यदि कोई रत्न पहले पहना हुआ है या कोई उपाय कर चुके हैं, किस प्रकार का व्यवसाय-नौकरी कर रहे हैं, इसका उल्लेख भी करें। यदि विवाह के बाद कोई समस्या है तो पति-पत्नी का विवरण और दोनों की जन्मपत्री साथ भेंजे।
आप अपने पत्र ‘बोले तारे’, अमर उजाला, न्यूलैंड इस्टेट, नजदीक टिंबर हाउस, शिमला के पते पर भेंजे या ईमेल करें।