कुंडली में क्या होता है मंगलदोष, जानिए इसके प्रभाव व अशुभता से छुटकारा पाने के उपाय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को सेनापति का दर्जा दिया गया है। इन्हें साहस, पराक्रम, ऊर्जा, शौर्य और भूमि-भवन का कारक ग्रह माना जाता है। यदि बात की जाए रिश्तों पर प्रभाव की तो इनका संबंध भाई के रिश्ते से माना गया है। जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल शुभ स्थिति में होता है इसे स्थाई संपत्ति यानी भूमि-भवन की प्राप्ति होती है साथ ही व्यक्ति में ऊर्जा, साहस और पराक्रम देखने को मिलता है। इसी के साथ व्यक्ति के भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत रहते हैं। इसके अलावा यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह शुभ न हो तो क्रोध की अधिकता, कोर्ट-कचहरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मंगल की अशुभता के कारण जातक का भाईयों से झगड़ा बना रहता है व पति-पत्नी के बीच भी सामंजस्य की कमी होने लगती है। अगर किसी की कुंडली में मंगलदोष लगा हो तो उसके विवाह में बाधाएं उत्पन्न होती हैं। विवाह हो भी जाता है तो दांपत्य जीवन में कलह, कानूनी परेशानियां यहां तक की जीवन साथ के साथ संबंध विच्छेद होने की भी आशंका बनी रहती है। यदि किसी की कुंडली में मंगलदोष हो तो उसके अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए ज्योतिष में महत्वपूर्ण उपाय बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं कि मंगलदोष कैसे लगता है और क्या हैं इसकी अशुभता से बचने के उपाय।
कुंडली में कब बनता है मंगल दोष
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली के चतुर्थ भाव, लग्न भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव में मंगल विराजमान होता है तो उसकी कुंडली में मंगल दोष माना जाता है। उपायों से किसी भी दोष को अशुभ प्रभावों को कम करके जीवन की समस्याओं से मुक्ति पाई जा सकती है। मंगल दोष के लिए किसी भी प्रकार का पूजन अनुष्ठान करने से पहले किसी योग्य ज्योतिष के पत्रिका जरुर दिखवानी चाहिए।
मंगल दोष की अशुभता से बचने के उपाय
- यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल दोष हो तो उसे मंगलवार के दिन मसूर की दाल का दान करना चाहिए। क्षमतानुसार मजदूरों को भोजन करवाना चाहिए।
- मंगल दोष के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए पीले कागज पर लाल स्यिाही से लिखे हुए हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करना चाहिए।
- जिस जातक की कुंडली में मंगलदोष हो उसे अपने व्यवहार को संयमित रखना चाहिए। क्रोध पर नियंत्रण रखने का प्रयास करना चाहिए।
- मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चना खिलाना चाहिए माना जाता है कि इससे मंगलशांत रहता है।
- जो जातक मंगल दोष से प्रभावित हो उसे अपना घर बनवाते समय लाल रंग के पत्थर का प्रयोग करना चाहिए। इसके आपका मंगल शांत रहता है।