करवाचौथ मंगलवार 22 तारीख को है। इस साल करवाचौथ के दिन सूर्य और चंद्र दोनों रोहिणी नक्षत्र को स्पर्श करेंगे। रोहिणी चन्द्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र है। इस नक्षत्र में चन्द्रमा अधिक शुभफलदायी हो जाता है। इसलिए सुहागिनों के लिए इस बार का करवाचौथ और भी अधिक मंगलकारी होगा।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसर सुहागिनों के लिए सूर्य और चंद्र दोनों शुभ होते हैं। इस बार की विशिष्टता यह है कि रोहिणी नक्षत्र न केवल पूरे दिन बना रहेगा, बल्कि बुधवार के दिन सूर्योदय भी रोहिणी नक्षत्र में ही होगा। इतना ही नहीं करवाचौथ के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों का शुक्र की राशि में होना भी बेहद मंगलकारी है।
पढ़ें, साप्ताहिक राशिफल 21 से 28 अक्टूबर तक का समय कैसा रहेगा करवाचौथ रात में मनाए जाता है। जिन पर्वों में चंद्रमा उदित होते हैं उन पर्वों के साथ रोहिणी नक्षत्र का जुड़ जाना बेहद शुभ माना जाता है। इसी नक्षत्र में नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि सूर्यदेव इस समय शुक्र की राशि में विद्यमान हैं। चंद्रमा भी प्रेम के देवता हैं और करवाचौथ प्रेम का पर्व है।
रोहिणी चंद्रमा की पत्नी हैं। मान्यता है चंद्रमा को जब क्षयरोग हुआ था तब रोहिणी ने विष्णु की सलाह पर यह व्रत किया था। पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ से बड़ा कोई दूसरा व्रत नहीं है।