आज दो ग्रहों ने अपनी चाल बदली है। इन दोनों की चाल बदलने से जहां एक तरफ महंगाई से परेशान जनता को राहत की अनुभूति होगी वहीं मौसम के रूखे व्यवहार से कष्ट का सामना करना होगा।
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा कहती हैं कि, ज्योतिषशास्त्र की गणना के अनुसार व्यापार और अर्थव्यवस्था का कारक ग्रह बुध आज तुला राशि में उदय हो रहा है और दूसरी ओर शत्रु राशि में मिथुन में विराजमान गुरू वक्री हुआ है।
इसके कारण रूपये की स्थिति संभलेगी। हरी, सब्जियों, प्याज और खाद्यान की कीमत में कमी से महंगाई से पीड़ित आम जनता राहत की सांस लेगी।
पढ़ें, नवंबर महीने का राशिफललेकिन शत्रु राशि में गुरू का वक्री होना राजनीति एवं मौसम के लिहाज से अनुकूल नहीं है। गुरू 6 मार्च तक उलटी चाल से चलेगा। इस दौरान अचानक सर्द हवाओं एवं वर्षा के कारण आम जनता एवं फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। कई गठबंधन टूंटेंगे तो कुछ नए गठबंधन भी बनेंगे। शास्त्रों में कहा गया कि मिथुनस्थः सुरगुरू विकारं कुरूते यदा। अष्टमासी भवेत्क्रूरा चतुष्पद महर्घता।।
अर्थात मिथुन राशि में जब देवताओं के गुरू वक्री होते हैं तब भूमि, चौपाया (आधुनिक युग में इसे कार और छोटे वाहन) के रूप में माना जाता है,तेल, तिल एवं घी के दामों में वृद्घि होगी।