जानिए लाफिंग बुद्धा को स्थापित करने के नियम और इसके लाभ
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आपने लाफिंग बुद्ध की मूर्ति को घरों में, दफ्तरों में या अन्य प्रकार के व्यापारिक अनुष्ठानों में रखी हुई जरूर देखी होगी। यह मूर्ति जहां रखी जाती है वहां कि शोभा तो बढ़ाती ही है। साथ ही इस मूर्ति से सकारात्मक ऊर्जा का भी उद्गार होता है। फेंगशुई के अनुसार लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को लगाने से नकारात्मकता खत्म होती है।
लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को कहां स्थापित करना चाहिए, यह भी एक विचारणीय प्रश्न होता है। जैसे लाफिंग बुद्धा की मूर्ति कहां कैसे रखनी चाहिए। क्या मूर्ति रखने के कोई नियम हैं आदि। तो आइए जानते हैं लाफिंग बुद्धा कहां-कैसे रखा जाना चाहिए और इसके क्या-क्या लाभ हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
लाफिंग बुद्धा को घर या दफ्तर में रखते समय जगह का चुनाव सही ढंग से करें। लाफिंग बुद्धा पूर्व दिशा में रखें जो अपने दोनों हाथों को उठाकर हंस रहे हों। लेकिन लाफिंग बुद्धा की मूर्ति को भूलकर भी मुख्य दरवाज़े के सामने न रखें। इसे अपने घर में दक्षिण पूर्व दिशा में रखें तो इस दिशा की सकारात्मक उर्जा बढ़ जाती है जो धन और सुख को आकर्षित करती है।
लाफिंग बुद्धा के लाभ
घर में रहने वालों की आमदनी बढ़ती है। आपके घर में कोई जादू-टोना करता है या किसी की बुरी नजर आपके घर के सदस्यों पर पड़ी है तो आपको ड्रैगन पर बैठे, दिव्य शक्तियों के स्वामी लाफिंग बुद्धा को अपने घर में रखना चाहिए।
भगवान बुद्ध के शिष्य थे लाफिंग बुद्धा
जापान में भगवान बुद्ध के कई शिष्य थे। उन्हीं में एक थे होतेई। ऐसी मान्यता है जब होतेई बौद्ध धर्म को स्वीकार किया और उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हुआ तो उसके बाद वे जोर-जोर से हंसने लगे। अपनी इसी हंसी के कारण वह लोगों को हंसाते और सुखी रहने की सीख देने लगे।
वहीं चीन में यह मान्यता है किर लाफिंग बुद्धा चीनी देवता हैं जिन्हें पुताइ नाम से वहां पर जाना जाता है। वे एक बौद्ध भिक्षुक थे और उन्हें मौज-मस्ती करना बहुत पसंद था। वे जहां भी जाते थे वहां अपना बड़ा गोलमटोल शरीर दिखाकर सभी को हंसाते थे। तभी से लोग इन्हें देवता की तरह मानने लगे और इनकी मूर्तियां घर में रखने लगे।