{"_id":"5ed644796bde4d46b94ab68d","slug":"chandra-grahan-2020-when-where-how-to-watch-lunar-eclipse-in-india-and-sutak","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandra Grahan 2020: क्या होता है सूतक काल, जानिए 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण में सूतक का समय","category":{"title":"Astrology","title_hn":"ज्योतिष","slug":"astrology"}}
Chandra Grahan 2020: क्या होता है सूतक काल, जानिए 5 जून को लगने वाले चंद्र ग्रहण में सूतक का समय
Thu, 04 Jun 2020 07:17 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 04 Jun 2020 07:17 AM IST
विज्ञापन
chandra grahan 2020: चंद्र ग्रहण 5 जून को रात के 11 बजकर 16 मिनट से लगाना आरंभ हो जाएगा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Chandra Grahan Date & Time 2020: ज्योतिष और खगोल शास्त्र दोनों में ग्रहण का विशेष महत्व होता है। इस महीने 5 जून को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा। चंद्र ग्रहण 5 जून को रात के 11 बजकर 16 मिनट से लगाना आरंभ हो जाएगा जो 6 जून की रात 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म हो जाएगा। यह ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में घटित होगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रहण के लगने के कुछ घंटे पहले सूतककाल लग जाता है। आइए जानते हैं क्या होता है सूतक काल का समय और महत्व...
विज्ञापन
चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
विज्ञापन
सूतक काल क्या होता है।
सूतक काल का समय अशुभ माना जाता है। इस दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जा सकता है। जब सूर्य ग्रहण लगाता है तो उसके 12 घंटे पहले से सूतककाल शुरू हो जाता है और ग्रहण के खत्म होने के बाद खत्म हो जाता है। वहीं चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक 9 घंटे पहले ही आरंभ हो जाता है। इसके अलावा बच्चे के जन्म और किसी की मृत्यु पर भी सूतक काल प्रभावी होता है।
विज्ञापन
चंद्र ग्रहण के अवसर पर कराएं चंद्र गायत्री मंत्रों का जाप , घर होगा धन - समृद्धि से संपन्न - 1000 मंत्र : 5 जून 2020
सूतक लगने के दौरान क्या करें और क्या न करें
- सूतक काल के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है।
- जब भी सूतक लगता है तो उस दौरान भगवान की मूर्तियों न तो छुआ जाता और न ही पूजा की जा सकती है। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
- सूतक के समय भगवान का ध्यान और मंत्रों का जप करना चाहिए।
- सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए।
Lunar Eclipse 2020: चंद्र ग्रहण का धार्मिक कारण, राहु-केतु की वजह से लगता है ग्रहण
5 जून को चंद्र ग्रहण पर सूतक काल
5 जून को होने वाले चंद्र ग्रहण की अवधि कुल 3 घंटे 18 मिनट की होगी। यह चंद्र ग्रहण 5 जून की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 6 जून की रात को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। हालांकि उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस खगोलीय घटना में पृथ्वी की उपच्छाया में प्रवेश करने से चंद्रमा की छवि धूमिल दिखाई देगी। कोई भी चन्द्रग्रहण जब भी आरंभ होता है तो ग्रहण से पहले चंद्रमा पृथ्वी की परछाई में प्रवेश करता है जिससे उसकी छवि कुछ मंद पड़ जाती है तथा चंद्रमा का प्रभाव मलीन पड़ जाता है। जिसे उपच्छाया कहते हैं।
चंद्र ग्रहण कब लगता है
चंद्र ग्रहण उस घटना को कहते है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है फिर चंद्रमा तक सूरज की किरणें नहीं पहुंच पातीं।
चंद्र ग्रहण के प्रकार
वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन तरह का होता है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण: पूर्ण चंद्र ग्रहण तब कहलाता है जब चंद्रमा पूरी तरह से धरती के द्वारा ढक जाता है।
आंशिक चंद्र ग्रहण: वहीं आंशिक चंद्र ग्रहण उस स्थिति में बनता है जब धरती द्वारा चंद्रमा का कुछ भाग ढक जाता है।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण: 5 जून, शुक्रवार के दिन उपच्छाया चंद्र ग्रहण की घटना घटित होगी। उपच्छाया चंद्र ग्रहण में जब पृथ्वी की छाया वाले क्षेत्र में चंद्रमा आ जाता है और चंद्रमा पर पड़ने वाली सूर्य की रोशनी बहुत ही कम पड़ती प्रतीत होती है।