खटीमा। विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने प्रदेश सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने और धान क्रय केंद्रों के आवंटन में नियमों को ताक पर रखने का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार को कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कापड़ी ने कहा कि एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी खुशहाली के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर किसान अपनी फसल बेचने के लिए भी परेशान हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि धान क्रय केंद्रों के आवंटन में निर्धारित नियमों की अनदेखी कर, चहेते लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। नियमानुसार सहकारी समितियों के कर्मचारियों या उनके रिश्तेदारों, राइस मिलरों या उनके रिश्तेदारों, ठेकेदारों व नेताओं और उनके रिश्तेदारों को धान क्रय केंद्र आवंटित नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद यदि नियमों को दरकिनार कर आवंटन किए गए हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कापड़ी ने कहा कि सरकार की नीतियों ने किसान को चारों तरफ से संकट में डाल दिया है। जरूरत के समय पर्याप्त खाद नहीं मिलती, डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से खेती की लागत बढ़ रही है और किसान कर्ज के बोझ तले दबा है। ऊपर से जब वह छह महीने की मेहनत से तैयार अपनी फसल सरकार को बेचने पहुंचता है, तो वहां भी उसे अव्यवस्थाओं और कथित धांधली का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में किसान अपनी आय कैसे बढ़ाएगा? उन्होंने कहा कि यदि धान क्रय केंद्रों का आवंटन किसानों की सुविधा के बजाय कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है, तो क्या सरकार किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित कर पाएगी ? कहीं ऐसा तो नहीं कि किसान अपनी मेहनत का धान बेचने के लिए भटके और बिचौलियों को इसका फायदा मिले।विधायक ने धान की तौल तत्काल शुरू कराने और क्रय केंद्रों का आवंटन निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित किए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध आवंटनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। किसानों की सुविधा के लिए गांव-गांव में पर्याप्त धान क्रय केंद्र खोले जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज न भटकना पड़े।