टिहरी गढ़वाल के घनसाली अंतर्गत जखनियाली ग्राम सभा से श्री गुरु मणिकनाथ की पवित्र डोली 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देवप्रयाग संगम तट पर पहुंची। पवित्र देवप्रयाग संगम पर गुरु मणिकनाथ की डोली और उनके साथ आए पावन 12 निशानों को देव रूपी पशवा ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनियों के बीच पवित्र स्नान कराया। इस अलौकिक और आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनने के लिए क्षेत्र के करीब 200 से अधिक श्रद्धालु डोली के साथ देवप्रयाग पहुंचे, जिससे पूरा संगम परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्री गुरु मणिकनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष केपी सकलानी ने जानकारी देते हुए बताया कि जखनियाली ग्राम सभा में आगामी शनिवार से भव्य श्रीमद्भागवत कथा और शिवपुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। इसी महान धार्मिक अनुष्ठान के शुभारंभ से पूर्व देव डोली के गंगा स्नान की प्राचीन परंपरा को निभाया गया, जिसके तहत श्रद्धालु भारी उत्साह के साथ देवप्रयाग पहुंचे। संगम स्नान के इस पावन अवसर पर समूचे क्षेत्र में भारी उत्साह देखा गया और श्रद्धालुओं ने गुरु मणिकनाथ व देव निशानों के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस धार्मिक यात्रा में समिति शांति प्रसाद , चन्द्र मोहन नौटियाल, जय वीर मियां, जितमणी सेमवाल सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु मौजूद रहे।