तुंगेश्वर मंदिर समिति द्वारा शुरू की गई छह माह की पारंपरिक चंडिका दिवारा यात्रा के तहत इस समय गृह (घरया) दिवारा यात्रा संचालित की जा रही है। यात्रा के दौरान देवी स्वरूप के प्रतीक चिन्ह ब्रह्मा ठंगुरु फलासी गांव के प्रत्येक घर में जाकर दिवारा कर ग्रामीणों का कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। आगामी दिनों में देवी निशाण स्थानीय तोकों में ही भ्रमण करेगी। वहीं जनवरी माह में देवी उत्तर यात्रा (केदार यात्रा) के लिए प्रस्थान करेंगी। आचार्य जगदंबा प्रसाद बेंजवाल वेदिक विधि से पूजा-अर्चना संपन्न करा रहे हैं। समिति अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह बर्तात्वाल ने बताया कि पंचकोटी के गांवों द्वारा पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशाओं में दिवारा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सभी ग्रामीण आपसी समन्वय के साथ इस देवयात्रा को सफल बनाने में जुटे हैं। प्रबंधक कल्याण सिंह नेगी ने बताया कि 23 नवम्बर को देवी की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आगे की सभी धार्मिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गईं। उपाध्यक्ष दलबीर सिंह राणा ने बताया कि इस यात्रा में युवाओं का उत्साहपूर्ण सहयोग मिल रहा है। सचिव पूरण सिंह खत्री ने कहा कि पंचकोटी के ब्राह्मण पारंपरिक पद्धति से वैदिक पूजा कर रहे हैं। सह सचिव मगन सिंह नेगी ने जानकारी दी कि एरवालो और बलद्यो को एक माह पूर्व से अभ्यास कराया जाता है। वही एरवालो देवी के ब्रह्म निशान को छह माह तक साथ लेकर चलते हैं।