मायाकुंड स्थित तारा माता मंदिर से आठवीं छड़ी यात्रा का शुभारंभ हुआ। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच संत महात्माओं का स्वागत किया गया। यात्रा का नेतृत्व महामंडलेश्वर हिमालय योगी श्री 108 वीरेंद्रानंद गिरी महाराज ने किया। श्रीबद्रीश श्रीविभूषित हिमालय पीठाधीश्वर एवं उत्तराखंड राजगुरु ब्रह्मलीन गोदावरी गिरी महाराज के समाधि स्थल से प्रारंभ हुई इस यात्रा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। तारा माता मंदिर में महंत संध्या गिरी महाराज ने संतों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। यात्रा ने दत्त घाट, त्रिवेणी घाट, भरत मंदिर और दुर्गा मंदिर की परिक्रमा की। जूना अखाड़े के साधु-संतों की ओर से संचालित आठवीं पौराणिक छड़ी यात्रा उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों से होते हुए आदि कैलास और ओम पर्वत पहुंचेगी।