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Pithoragarh: गुंजी में सेना ने बच्चों के भविष्य के लिए बनाया विद्यालय

गायत्री जोशी Updated Mon, 20 Apr 2026 05:20 PM IST

पिथौरागढ़ के धारचूला में सेना की ओर से ऑपरेशन सद्भावना के तहत चीन-नेपाल की सीमा पर स्थित ग्राम गुंजी में लाखों रुपये की लागत से प्राइमरी स्कूल के भवन का पुनर्निर्माण कराया गया है। यहां स्थित स्कूल करीब 35 वर्ष पूर्व बंद हो गया था। अब स्कूल का निर्माण होने से भविष्य में बच्चों को इसका फायदा मिलेगा। उच्च हिमालयी क्षेत्र से ग्रामीणों के माइग्रेशन और बेहद दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते वर्ष 1995 में गुंजी प्राथमिक स्कूल बंद हो गया था। हाल के वर्षों में आवाजाही बढ़ने के बाद पूर्व प्रधान सुरेश गुंज्याल, सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने सेना के अधिकारियों के समक्ष स्कूल भवन के निर्माण की मांग रखी। सेना ने 72 लाख रुपये की लागत से 75 बच्चों के अध्ययन की क्षमता वाला कंप्यूटर से सुसज्जित आधुनिक विद्यालय भवन तैयार कर दिया है। इसमें बच्चों के पढ़ने के लिए तीन कक्ष, एक हॉल, स्टॉफ कक्ष, गार्ड रूम बनाया गया है। बच्चों के खेलने के लिए पार्क की सुविधा भी है। बता दें कि पूर्व में गुंजी विद्यालय से पढ़े लोग सरकारी उच्च पदों पर तैनात रहे हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि स्कूल के पुनर्निर्माण का मुख्य उद्देश्य सेना और स्थानीय ग्रामीणों के बीच आपसी संबंध को मजबूत करना और ग्रीष्म कालीन प्रवास के छह माह में स्थानीय बच्चों को शिक्षा का लाभ दिलाना है। ग्राम प्रधान विमला गुंज्याल ने स्कूल का पुनर्निर्माण किए जाने पर सेना का आभार जताया है। विद्यालय के पूर्व छात्र एवं जवाहर नवोदय विद्यालय बागेश्वर में इतिहास के प्रवक्ता गोविंद सिंह गुंज्याल का कहना है कि इस विद्यालय में उन्होंने महज पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं पाया बल्कि सामाजिक सरोकारों को भी सीखा। उन्होंने कहा कि विद्यालय को पुनर्जीवित होते देखना सुखद अनुभूति है।

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