पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्रों के गांवों में शराब विरोधी स्वर मुखर होने लगे हैं। पूर्व में कई गांवों में शराब पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। अब बंगापानी तहसील के सबसे बड़े गांव जाराजिबली के बाननी और देवलथल तोक में भी शराब बंदी का निर्णय लिया गया है। यदि गांव में शराब पी और पिलाई तो संबंधित पर जुर्माना लगाते हुए उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। जाराजिबली के ग्वालबाननी में ग्राम प्रधान दुर्गा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला और युवक मंगल दल के सदस्यों के साथ अन्य महिलाएं व बुजुर्ग शामिल हुए। इस दौरान सभी ने एक मत से गांव में शराब बंदी का फैसला लिया। प्रधान, महिला और युवक मंगल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि नियम तोड़ने वालों से 10 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला जाएगा। साथ ही जरूरत पड़ने पर उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिस घर में समारोह होना है वहां एक सप्ताह तक शराब बिल्कुल वर्जित रहेगी। ग्रामीणों ने कहा कि शराब के सेवन से सामाजिक रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं और युवा पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। बैठक में महिला मंगल दल अध्यक्ष जानकी देवी, उपाध्यक्ष पार्वती देवी, नवयुवक क्लब के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, वीर विक्रम सिंह, आन सिंह, चतुर सिंह, श्याम सिंह, रूप सिंह, हिम्मत सिंह, बसंती देवी, तारा देवी, नारती देवी, इंद्रा देवी, आनंदी देवी, रेखा देवी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।