पिथौरागढ़ जिले में एआई तकनीक से वन्य जीवों को आबादी में आने से रोका जाएगा। वन विभाग के मुताबिक, वन्य जीव प्रभावित क्षेत्रों में एआई तकनीक से लैस ट्रैप कैमरे और लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे। ट्रैप कैमरे वन्य जीवों के आबादी में पहुंचते ही इन्हें कैद कर लेंगे और इनके आदेश पर लाउडस्पीकर संबंधित वन्य जीवों की आवाज निकालकर इन्हें भगाने का काम करेंगे। वन विभाग के मुताबिक, सीमांत जिले में वन्य जीवों की दहशत बढ़ गई है। कहीं भालू, तेंदुए तो कहीं जंगली सुअर आबादी में घुसने के साथ ही लोगों पर हमला कर रहे हैं। अब इन वन्यजीवों की दहशत से एआई तकनीक मुक्ति दिलाएगी। इसके लिए वन विभाग पहले चरण में वन्य जीव प्रभावित पांच स्थानों का चयन कर एआई तकनीक पर आधारित ट्रैक कैमरा और लाउस्पीकर स्थापित करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, आबादी में घुसते ही 150 मीटर की परिधि के भीतर ट्रैप कैमरा इन वन्यजीवों को कैद कर लेगा। वहीं लाउडस्पीकर कैमरे में कैद वन्य जीव की आवाज निकालेगा और ये भाग खड़े होंगे। वन विभाग का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो वन्य जीवों की दहशत कम होने के साथ ही लोगों को इनसे सुरक्षा मिलेगी।