एसडीएम के आश्वासन पर सौलिया और घिंघरानी गांव के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का निर्णय टाल दिया है। एसडीएम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आश्वासन के बाद भी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। शहर से 13 किमी दूर बेलुवाखान ग्रामसभा के तोक सौलिया में सड़क व अन्य सुविधाएं नहीं हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का एलान कर दिया। इसकी सूचना पर डीएम वंदना ने बुधवार को एसडीएम नवाजिश खलिक, लोनिवि, जल संस्थान, एडीबी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को गांव भेजा। उन्होंने ग्रामीणों से वार्ता कर गांव की समस्याओं की जानकारी ली। एसडीएम ने ग्रामीणों को समस्याओं का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दिया। बताया कि सड़क निर्माण की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार के निर्णय को टाल दिया है। इस दौरान ग्रामीण किशन भाकुनी, रवि बिष्ट, किरन मेहरा, लक्ष्मी देवी, नरेंद्र सिंह, आनंद बिष्ट आदि रहे। उधर, ग्राम पंचायत हैडियागांव के तोक घिंघरानी के ग्रामीणों ने आपदा से क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार के सही नहीं होने पर चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी देकर बुधवार को प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के विरोध पर भीमताल बीडीओ और पटवारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने उनकी नहीं सुनीं। एसडीएम नवाजिश खलिक ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या को सुना। एसडीएम ने क्षेत्र को आपदा घोषित करने के निर्देश पटवारी को दिए। इस पर ग्रामीण मान गए। इस दौरान करन दनाई, दीपक चौनाल, पूरन चौनाल, आशा चौनाल, गिरीश चंद्र आदि मौजूद रहे।