सिमली महिला बेस अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से तैयार पीडियाट्रिक यूनिट अब तक शुरू नहीं हो पाई है। 42 बेड के इस अस्पताल में बाल रोग और महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं होने से यूनिट बंद है। अस्पताल परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और वार्डों में लगे बेड धूल फांक रहे हैं। आईसीयू और निक्कू वार्ड समेत कई जगह आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, लेकिन लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने से इनके खराब होने का खतरा है। बताया गया कि करीब एक साल से अस्पताल में ताला लगा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सुविधाएं और उपकरण होने के बावजूद अस्पताल शुरू नहीं होने से मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। चमोली की गर्भवती महिलाओं को कई बार श्रीनगर और अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। श्रीनगर में बच्चा वार्ड में बिस्तर नहीं मिलने पर मरीजों को एम्स तक जाना पड़ता है। सीएमओ डॉ. राजीव सिंह पाल ने कहा कि अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले माह तीन महिला रोग विशेषज्ञों की तैनाती हुई थी, लेकिन दो ने ज्वाइन नहीं किया है। एक चिकित्सक के ज्वाइन करने की संभावना है।