ब्लॉक के संस्कृत ग्राम डिम्मर में देव वाणी संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार में दायित्वधारी रमेश गड़िया ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गड़िया ने कहा कि संस्कृत भारत की राष्ट्रीय चेतना और संस्कारों का प्राण है। उन्होंने बताया कि डिम्मर के ग्रामीण पौराणिक काल से संस्कृत के उत्थान में कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान हरिद्वार के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र पंत ने डिम्मर के प्रयासों को अनुकरणीय बताया। संस्थान के शोध अधिकारी हरीश गुरूरानी ने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों का वातावरण संस्कृत को दैनिक जीवन की बोली भाषा बना सकता है।