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भारतीय ऊर्जा परिदृश्य 2047 पर विज्ञान संगोष्ठी, बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई प्रतिभा, सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग पर दिया जोर, 25 विद्यालयों के 39 बाल वैज्ञानिकों ने किया प्रतिभाग

पोखरी। भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047 : संभावनाएं और चुनौतियां विषय पर आज बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभागार पोखरी में विकासखंड स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में क्षेत्र के 25 विद्यालयों के कक्षा आठ से दस तक के 39 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग कर ऊर्जा के भविष्य और चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष पोखरी सोहन लाल, विज्ञान ब्लॉक समन्वयक एवं कार्यक्रम संयोजक संदीप सिंह नेगी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष उपेन्द्र सती, राजकीय शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महावीर जग्गी, ब्लॉक मंत्री संदीप नेगी तथा जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पोखरी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना ‘हे मां शारदे तुझे प्रणाम’ और स्वागत गीत ‘मन की वीणा से गूंजित’ की शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया। संगोष्ठी में बाल वैज्ञानिकों ने पीपीटी स्लाइड के माध्यम से ‘भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047’ विषय पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतीकरण से पूर्व प्रतिभागियों की 10 अंकों की लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई। संगोष्ठी में ऊर्जा की लगातार बढ़ती जरूरत, भविष्य में ऊर्जा की उपलब्धता और उसके वैकल्पिक स्रोतों पर विस्तार से चर्चा की गई। सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग तथा स्वच्छ एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।प्रतियोगिता में शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पोखरी की कक्षा 10 की छात्रा तनिष्का ने प्रथम, इसी विद्यालय की कक्षा नौ की छात्रा नैन्सी ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज थालाबैड़ की कक्षा 10 की छात्रा काव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विगत वर्ष राज्य स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली शिवांगी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा रिद्धिमा और उनके मार्गदर्शक शिक्षक हर्षवर्धन चमोला को भी मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल ने बाल वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विज्ञान आधारित ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और वैज्ञानिक सोच को सामने रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों को आगे भी इसी तरह मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की रूपरेखा विज्ञान ब्लॉक समन्वयक एवं संयोजक संदीप सिंह नेगी ने रखी, जबकि जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने भारतीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक डा. सी. सती रहे। निर्णायक मंडल में अजयपाल रावत, पूनम रानी नेगी और अंजन नेगी शामिल रहे। कार्यक्रम संरक्षक एवं खंड शिक्षा अधिकारी कुमारी नेहा भट्ट ने चयनित बाल वैज्ञानिकों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान संगोष्ठियों में प्रतिभाग करने से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होती है और उनमें तर्क एवं नवाचार की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सह-समन्वयक सुरेंद्र राणा ने किया।

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