देवाल। महिला मंगल दलों व शिक्षण संस्थानों की शानदार जागर, लोकगीत, लोकनृत्य की प्रस्तुति के साथ ल्वाणी- पिलखड़ा में आयोजित दो दिवसीय राज राजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेला का शुभारम्भ हुआ। मेले में प्रतिभाग करने वाले शिक्षण संस्था व महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। विधायक, जिपं अध्यक्ष व जिपंस ने लाखों रुपये की घोषणा की। मेला शुभारंभ से पहले आयोजकों ने मां नंदा देवी मंदिर में अनुष्ठान किया। सांस्कृतिक समारोह में शामिल नंदा पांडव ढोल जागरी सांस्कृतिक कला मंच नंदानगर, ममंद ल्वाणी, ताजपुर, सुया, धुराधारकोट, हरनी, लोहाजंग, मुंदोली, इंटर कालेज ल्वाणी, प्राथमिक विद्यालय ल्वाणी की प्रस्तुति जय भगोती नंदा, नंदा ऊंचा कैलाश की जय---, दैणा होया खोली का गणेशा--, रानीखेत रामढोल घम- घम कन बाजनी---, हीटो रे हीटो पिलखडा मेला---, तू रेंदी ऊंचा पहाडों मा---, रानीखेत रामढोल घम- घम कन बाजनी---पर दर्शक खूब थिरके। मेला का उद्घाटन विधायक भूपाल राम टम्टा व जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत अटूट आस्था का प्रतीक है, संस्कृति हमारी पहचान है। एसे धार्मिक आयोजन हमें सही मार्ग दिखाते हैं।