कर्णप्रयाग। हर वर्ष होने वाली श्रीनंदा लोक जात यात्रा के कार्यक्रम को लेकर मचे घमासान पर केंद्रीय समिति ने सोमवार को विराम लगा दिया है। केंद्रीय समिति के अनुसार बीते 5 अगस्त को जारी कार्यक्रम को कुरूड़ के नंदा पुजारियों का समर्थन मिला है। ऐसे में नंदा लोक जात अपनी परंपरानुसार संपन्न होगी। पांच अगस्त को देवराड़ा मंदिर से मंदिर समिति, श्रीनंदा राजराजेश्वरी केंद्रीय समिति बधाण ने लोक जात यात्रा कार्यक्रम जारी किया। लोक जात की परंपराओं में पहली बार देवराड़ा से यह कार्यक्रम जारी हुआ। जबकि इससे पहले यह कार्यक्रम हर बार सिद्धपीठ नंदा देवी मंदिर कुरूड़ से जारी होता था। इसके बाद इसे लेकर कई तरह के सवाल उठे। केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सुशील रावत ने बताया कि रविवार को गौड़ पुजारियों और मंदिर समिति की कुरूड़ में बैठक हुई। इसमें पुजारियों और मंदिर समिति ने देवराड़ा से जारी कार्यक्रम को सही बताते हुए लोक जात 5 सिंतबर से शुरू और वेदनी से वापस होते हुए देवराड़ा में 25 सितंबर को समापन को समर्थन दिया है।